भाजपा नेता स्वयं का धान बेचकर किसानों के नाम से राजनीति कर रहे : कांग्रेस

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अब तक लगभग 85 प्रतिशत किसानों का धान खरीद चुकी

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बताएं 15 साल में कब 90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किये

रायपुर। भाजपा के किसान आंदोलन को कांग्रेस ने राजनीतिक स्टंट करार दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार धान बेचने पंजीकृत 21 लाख 50 हजार किसानों से 90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित की है। 1 दिसम्बर से आज तक लगभग 85 प्रतिशत से अधिक किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है और किसानों के बैंक खाता में लगभग 12500 करोड़ से अधिक की राशि भुगतान कर दिया है। धान खरीदी के निर्धारित समय के पहले 90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी के लक्ष्य को पूरा कर लेगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता स्वयं का धान बेचने के बाद फुर्सत मिलने पर अब किसानों के नाम से राजनीतिक स्टंट बाजी करने में लगे हुए है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला एवं मंडल अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा सांसद विजय बघेल, गोमती साय, भाजपा के विधायक रजनीश सिंह सहित भाजपा के पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसदों ने अपने धान को राज्य सरकार के उपार्जन केंद्रों में बेचकर धान का भुगतान खाता में प्राप्त कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा नेताओं को वास्तविक में किसानों की चिंता है तो उन्हें दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में जेल भरो आंदोलन करना चाहिए। मोदी सरकार किसानों की समस्या सुनने के बजाय गूंगी बहरी बनकर बैठी सरकार को जगाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वादाखिलाफी भाजपा नेताओं का चरित्र हो गया है। सत्ता में रहे या सत्ता के बाहर रहे झूठ बोल कर गुमराह कर राजनीति करना इनकी नियति बन गई है। मोदी सरकार छत्तीसगढ़ से 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने के बाद मात्र 24 लाख मीट्रिक टन चावल एफसीआई में जमा कराने की अनुमति देकर छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ एक और धोखा किया है। इसके पहले भी किसान सम्मान निधि देने में छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव किया गया। प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के श्रमिक भाइयों को दूर रखा गया और किसानों को धान की कीमत एक मुश्त 2500 रू. क्विंटल देने में नियम शर्ते लगाई, राजीव गांधी किसान न्याय यासेजना में रोक लगाने का षड़यंत्र रचा गया, बारदाना आपूर्ति में रोक लगाई गई। छत्तीसगढ़ के भाजपा के सांसद छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे भेदभाव पर मौन है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से पूछा कि 15 साल के शासन काल में कब 90 लाख मीट्रिक टन चावल राज्य के किसानों से खरीदे हैं? किसानों को धान की कीमत समर्थन मूल्य से ऊपर कब दिए है? कब छत्तीसगढ़ में 21 लाख 50 हजार किसानों से धान की खरीदी किए हैं? इसका जवाब डॉ रमन सिंह को देना चाहिए। डॉ रमन सिंह ने किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया। 2100 रू. प्रति क्विंटल की कीमत और ₹300 बोनस प्रति क्विंटल देने का वादा किया था और वादा खिलाफी किए हैं। रमन सिंह के 15 साल के शासनकाल में एवरेज 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी नहीं की गई। 6 से 7 लाख किसानों से ही धान की खरीदी होती रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने दो साल में एवरेज 85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा रही है। 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ के किसान परेशान रहे हैं और भाजपा समर्थित बिचौलिया खुशहाल थे। अब छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हो रहे हैं तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है। किसानों के नाम से राजनीति करने वाले डॉ. रमन सिंह को किसानों की वास्तविक चिंता है तो केंद्र में आंदोलन कर रहे किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद करें।

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