किसान नेताओं ने जलाया सांसद का पुतला, प्रदर्शनकारियों ने कृषि कानून की प्रतियों में भी लगाई आग

०० प्रदर्शन रोकने पहुंची पुलिस के साथ किसान नेताओं की झूमाझटकी

रायपुर| राजधानी रायपुर में बुधवार को सांसद संतोष पांडे का पुतला जलाया गया । इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कृषि कानूनों की प्रतियां भी जला दी, यह गुस्सा इस वजह से था क्योंकि संतोष पांडे ने किसान आंदोलन में बैठे किसानों की तुलना खालिस्तानी समर्थकों और नक्सलियों से कर दी थी। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार किसान संगठन और सिख समुदाय के लोग सांसद संतोष पांडे के इस बयान का विरोध कर रहे हैं।

रायपुर के बूढ़ापारा स्थित धरना स्थल पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ और अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। संगठन से जुड़े हुए पदाधिकारी सांसद संतोष पांडे का पुतला फूंकने की तैयारी में थे कि इस बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई। आंदोलनकारियों ने पुतले को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस को पुतले तक पहुंचने नहीं दिया। इस वजह से पुलिस और किसान नेताओं के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। पुलिस सांसद का पुतला जलाने से रोकना चाहती थी। लेकिन गुस्साए किसान नेताओं ने पुलिस की एक नहीं सुनी।इस प्रदर्शन में शामिल किसान मजदूर महासंघ के डॉक्टर संकेत ठाकुर ने बताया कि राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे ने खैरागढ़ में पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान किसान आंदोलनकारियों को खालिस्तानी कह दिया था। इसके बाद से सांसद पांडे के खिलाफ प्रदेश में सियासी बवाल मचा हुआ है। 2 दिन पहले कांग्रेस ने सांसद संतोष पांडे पर एफ आई आर दर्ज करने की मांग की थी। मंगलवार को छत्तीसगढ़ सिख संगठन के पदाधिकारी भी सिविल लाइन पहुंचकर सांसद संतोष पांडे के खिलाफ अपना शिकायती आवेदन दे चुके हैं, भाजपा से सांसद को निकाले जाने की मांग भी उठ रही है।

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