विश्व हिन्दी दिवस पर मजदूर बच्चों ने विमोचित की पुस्तक और पाये खिलौने

०० डॉ श्रीमती मृणालिका ओझा की सचित्र कहानी पुस्तिका “पानी का मान” विमोचित

०० नारायणी साहित्य अकादेमी एवं चरामेति फाउंडेशन का संयुक्त आयोजन

रायपुर| विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में नारायणी साहित्य अकादेमी एवं चरामेति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चावडा फार्म हाउस,  ग्राम गोमची में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ श्रीमती मृणालिका ओझा की राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित  बालोपयोगी सचित्र पुस्तिका “पानी का मान” का विमोचन खेतिहर  मजदूर परिवार के बच्चों चुलबुली, करण, आकाश, पंडित, जितेन्द्र, महेश,  पिंकी,  तन्नु के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समस्त बच्चों को  नये खिलौने एवं मिठाई भी दी गई।

लेखिका डॉ श्रीमती मृणालिका ओझा ने इस अवसर पर कहा कि ‘पानी का महत्व हमेशा ही रहा है। पानी को संरक्षित करने की होने वाली बातों से ही पता चलता है कि हम सब पानी का सम्मान, मितव्ययिता से उपयोग  तो करते ही नहीं है अपितु उसे बर्बाद ज्यादा करते हैं। यदि हम पानी को साफ़ और स्वच्छ रखेंगे तो हो सकता है ‘बोतलबंद’ पानी की भी जरूरत न पड़े। कार्यक्रम के संचालक राजेन्द्र ओझा ने चरामेति फाउंडेशन के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमती पारूल विजय चावडा के संयोजकत्व में आयोजित यह कार्यक्रम श्रीमती पद्मा बेन, श्रीमती पुष्पा सांगाणी  ,  श्रीमती मधु संगोई,  श्रीमती पूनम दोशी,  श्रीमती राधा चौहान,  श्रीमती कोकिला कोटक, श्रीमती हंसा भट्ट,  श्रीमती रश्मि सिन्हा, श्रीमती दिव्या सोलंकी, श्रीमती गार्गी अरोरा,  श्रीमती कल्पना राठोड,  श्री विजय चावडा,   श्री नरेन्द्र सांगाणी,  श्री जितेन्द्र दोशी,  श्री जितेन्द्र भट्ट,  श्री राजेश चौहान,  श्री प्रकाश कोटक, श्री महेन्द्र राठोड, श्री भरत माखिजा,  श्री श्याम सहाय, श्री निलेश अग्रवाल,  श्री कुलदीप सिंह होरा आदि की उपस्तिथि एवं सहयोग से संपन्न हुआ।

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