किसान आंदोलन को एकता परिषद का समर्थन, तिल्दा पहुंचे परिषद के संस्थापक राजगोपाल

रायपुर| एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी वी “राजा जी” का आगमन  प्रयोग आश्रम, तिल्दा में हुआ। उनके साथ महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता श्री विजय, श्री राजेश मिश्रा, महात्मा गांधी सेवा आश्रम सेवाग्राम से श्री रजगो की जालंधर भी पहुंचे। श्री राजगोपाल ने प्रयोग आश्रम में यहां के वरिष्ठ साथियों के साथ मिलकर देश की राजधानी में चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान भारत में किसान सड़क पर हैं और जिनको हमने चुना हैं वह हमसे सड़क पर आने के लिए बात करने के लिए कोशिश भी नहीं कर रहे हैं ऐसे में काम नहीं चलने वाला।

संसद में बैठे हुए लोगो को सड़क में आकर किसान के साथ हो रहे अन्याय को लेकर बात करना ही पड़ेगा नहीं तो अहिंसा आंदोलन जो कर रहे हैं वह किसान अगर हिंसा में परिवर्तित हो जायेगे,  तो इसकी जवाबदारी सत्ता में बैठे हुए लोगों की ही होगी । महत्वपूर्ण बात यह है कि इस देश में अगर किसान आंदोलन करते हैं तो यहां के नुमाइंदे इसको राजनीतिक रंग देने में लग जाते हैं और अपने उत्तरदायित्व से बच जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में आम लोग खेती पर ही निर्भर रहते हैं, अगर किसान अन्न उगाना बंद कर दे, तो लाखों लोग भूखे मर जाएंगे। किसान सड़क पर हैं और उनके स्वाभिमान का खयाल रखते हुए सरकार को आगे आकर किसानों के साथ समझौता करना चाहिए। इसी में ही सरकार की भलाई होगी।  ज्ञात रहे कि एकता परिषद विशेष तौर पर सुदूर जंगल में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लिए जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ रही है। इसके संस्थापक राजगोपाल पी वी ने अब तक अनेक मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन किए। इस संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और वर्तमान मुद्दों पर चर्चा के लिए तिल्दा के प्रयोग आश्रम में स्वराज चिंतन शिविर चल रहा है, जिसमें एकता परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती श्रद्धा कश्यप, राष्ट्रीय संयोजक  रमेश शर्मा, प्रयोग आश्रम से अरुण कोसरिया सीताराम सोनवानी, उड़ीसा से  भरत भूषण ठाकुर, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथी एवं जिला संयोजक भाग ले रहे हैं। इसमें व्यवस्थापक एवं सहयोगी साथी एकता परिषद के प्रशांत कुमार ,नरेंद्र कुमार चौहान मुरली दास संत, एवं श्रीमती मीना वर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण है, पूरे कार्यक्रम के डाक्यूमेंट्स मंतराम निषाद, दिनेश वर्मा, मन्नू और अश्वनी वर्मा  का सहयोग मिल रहा है।

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