नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर की दो युवकों की हत्या, प्रेस नोट जारी कर ली जिम्मेदारी

०० दोनों युवकों पर नक्सलियों ने पुलिस के साथ मिलकर काम करने का लगाया आरोप

रायपुर| सुकमा में नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर दो युवकों की हत्या कर दी। घटना के करीब 3 दिन बाद प्रेस नोट जारी कर नक्सलियों ने इसकी जिम्मेदारी ली है। मारे गए दोनों युवकों को नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर बताया है। साथ ही एक युवक के भाई सहित दो और लोगों की हत्या करने की धमकी भी दी है मामला किस्टाराम क्षेत्र का बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों की किस्टाराम एरिया कमेटी की ओर से शनिवार को एक प्रेस नोट जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि 17 नवंबर को नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर दो युवकों की हत्या की है। इनमें एक का नाम बड़े केड़वाल गांव निवासी पोड़ियम बलराम और दूसरा पामलुर गांव निवासी कोवासी गंगा बताया गया है। दोनों पर DRG जवानों का साथ देने का आरोप है। नक्सलियों ने दावा किया है कि बड़े केड़वाल गांव निवासी पोड़ियम बलराम साल 2013 से DRG फोर्स के संपर्क में था। वह गांव में रहकर जवानों को सूचना देता था। आरोप लगाया कि जवानों ने उसे 15 हजार रुपए का लालच दिया था। दिसंबर 2019 को पोड़ियम की मुखबिरी के चलते चिंतागुफा व भेज्जी क्षेत्र में डीआरजी, एसटीऍफ़, सीआरपीएफ ने मिलकर हमला किया, इसमें 8 नक्सली मारे गए। नक्सलियों ने प्रेस नोट में कहा है कि इस हमले में पोड़ियम बलराम और ईडो रमेश की मुख्य भूमिका थी। पोड़ियम बलराम को 17 नवंबर को हत्या कर दी वहीं पामलुर गांव से कोवासी गंगा और कोवासी रमेश को भी मुखबिरी में पकड़ा था। नक्सलियों ने कोवासी गंगा को मार दिया, जबकि कोवासी रमेश बचकर भाग निकला था। अब नक्सलियों ने उसे और ईडो रमेश को भी मारने की धमकी दी है। नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि के डीआरजी जवान मड़कम मुदराज, दुधी भीमा, माड़वी आयता और मड़कम अर्जुन बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्हें पैसे का लालच देते हैं। वहीं नक्सलियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा है कहा कि दोनों लोग मिलकर आदिवासी बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रहे। इसलिए पैसे का लालच नेटवर्क बना रहे हैं।

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