मोदी भाजपा का बस चले तो धरती ही नही आसमान को भी बेच डाले : कांग्रेस

०० पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

०० राजेश मूणत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आधारहीन आरोप लगाकर अटल एवं मोदी सरकार के सरकारी कंपनियां और सरकारी संपत्ति बेचो अभियान पर पर्दा नही डाल सकते

मोदी और अटल की भाजपा सरकार के पास पूर्व में बने संस्थानों को बेचने और ऐतिहासिक धरोहर के नाम बदलने के अलावा कोई उपलब्धि नहीं

रिजर्व बैंक के रिजर्व फंड से लाख 76 हजार करोड रुपए जबरदस्ती निकाल कर चंद पूंजीपतियों को सौप दी गयी क्या यह रकम इनके परनाना ने जमा करवाई थी?

रायपुर। पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाकर अटल और मोदी सरकार सरकारी कम्पनियों उपक्रमों को बेचने की नीति नियत और भाजपा समर्थित चंद उद्योगपतियों के हाथों में भारत के नवरत्न कंपनियों पेट्रोलियम कम्पनी, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन को सौंपने की साजिश पर पर्दा नहीं डाल सकते। कांग्रेस शासनकाल में मजबूती के साथ खड़ी हुई आधुनिक भारत की अर्थव्यवस्था को और आगे ले जाने की भाजपा की सरकारों में ना ही क्षमता है ना एजेंडा है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा से पूछा अटल बिहारी बाजपेई सरकार के दौरान हजारों करोड़ के बालको संयंत्र को मात्र 500 करोड़ में क्यों बेचा गया? 500 करोड़ में बालको संयंत्र को खरीदने वाले उद्योगपति ने बालकों में रखे कबाड़ को ही 712 करोड़ में बेचकर मुनाफा कमाया था। देशभर में बालकों की संपत्ति जिसकी कीमत ही हजारों करोड थी वो भी बालको खरीदने वाले को मुफ्त में मिली। अटल सरकार और मोदी सरकार के दौरान बीएसएनएल जो मजबूती के साथ संचार के क्षेत्र में जनता की सेवा कर रहा है, उसको भी कमजोर कर रिलायंस को फायदा पहुंचाने की साजिश रची गई। वर्तमान में मोदी सरकार लाभ दे रहे भारत पैट्रोलियम सहित 135 सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में ओने-पौने दाम में सौंप रही है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा की बस चले तो वह धरती ही नहीं आसमान को ही बेच दे। आम जनता के शुद्ध हवा लेने पर भी टैक्स लगा दे।  ठाकुर ने कहा कि पहले भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत यह तो बताएं अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के दौरान और वर्तमान के मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ में बालको और भिलाई स्टील प्लांट जैसा कोई संयंत्र की स्थापना कही की गयी है क्या? रिजर्व बैंक के रिजर्व फंड से 1 लाख 76 हजार करोड रुपए जबरदस्ती निकाल कर चंद पूंजीपतियों को सौप दी गयी। यह रकम क्या इनके परनाना ने जमा करवायी थी? अटल सरकार के समय बालको को बेचा अब मोदी सरकार बीएसपी एवं नगरनार संयंत्र जो अब तक शुरू भी नही हुआ है उसे भी बेचने की तैयारी कर ली है। पूरे देश में भाजपा शासन काल का इतिहास खंगाला जाए तो सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने के अलावा उपलब्धि के नाम पर कुछ भी नहीं है। भाजपा के 13 साल 3 महीने 13 दिन के कार्यकाल में देश में अब तक कहीं भी नई रेल पटरी नहीं बिछाई गई है, रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के अलावा इनके पास कोई उपलब्धि नहीं है। बस्तर का नगरनार संयंत्र जिसमें बस्तरवासियों की भावनाएं जुड़ी हुई है उसे शुरू होने से पहले ही पूंजीपतियों को बेचने की तैयारी कर ली गई है। भिलाई स्टील प्लांट को भी बेचने की साजिश चल रही है। एचएससीएल जो कोयला खनन काम जो करता था उससे छीन कर अडानी के कंपनी को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत की सरकारी संपत्तियों को चंद उद्योगपतियों के हाथों में बेचकर भारत के एक अरब तेंतीस करोड़ जनता को आर्थिक गुलामी की ओर धकेलने की साजिश रची जा रही है।

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