कंटेनमेंट जोन में बाहर निकलने वालों पर पुलिस ने बरसाए डंडे, मुख्यमंत्री ने कहा “अमानवीय हरकत”

०० पुलिस कर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरूछुट्टी पर भेजा गया

रायपुर| राजधानी के कंटेनमेंट जोन घोषित इलाकों में घर से बाहर निकलने वाले राहगीरों पर पुलिस द्वारा डंडे बरसाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस कर्मी के इस बर्ताव को अमानवीय करार दिया है। सीएम ने ट्वीट कर बताया, पुलिस कर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और उसे छुट्टी पर भेज दिया गया है।

रायपुर के एसएसपी आरिफ शेख ने भी इस मामले ट्वीट कर कहा, रायपुर के बिरगांव कन्टेनमेंट जोन में लोगों पर लाठी मारते हुए जो वीडियो वायरल हुआ है, उस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गयी है। साथ ही अलग से घटना की जांच की जिम्मेदारी अतिरक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को दिया गया है। दरअसल, रायपुर के कंटेनमेंट जोन घोषित इलाकों में घर से बाहर घूमने वाले राहगीरों पर पुलिस सख्ती बरत रही है और उनकी उनकी जमकर पिटाई कर रही है। पुलिस की राहगीरों पर सख्ती के कई वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बता दें कि उरला इलाके में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने और लगातार दो मौत होने के बाद पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण धारा 144 का लोग लगातार उल्लंघन कर रहे हैं। इसके चलते शाम को पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। उरला पुलिस सब डिवीजन के सभी थाना प्रभारी इसमें शामिल हुए। पुलिस सभी कंटेनमेंट जोन इलाका सहित अन्य हिस्सों में पहुंची और लोगों को घर में ही रहने की चेतावनी दी।

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