दुष्कर्म के आरोप में फंसे छत्तीसगढ़ के आईएएस जेपी पाठक निलंबित, मुख्यमंत्री ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

०० जांजगीर के कलेक्टर रहने के दौरान महिला से दुष्कर्म करने, अश्लील वॉट्सएप मैसेज भेजने का आरोप

रायपुर|  दुष्कर्म के आरोपों में घिरे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर-चांपा जिले में पूर्व पदस्थ अधिकारी के विरुद्ध एक महिला द्वारा की गई शिकायत के मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव आरपी मण्डल को तत्काल संबंधित अधिकारी को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय दल के कराने के निर्देश दिए हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है। महिला के बयान व उससे मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ने बताया कि एक महिला ने बुधवार को कोतवाली पहुंचकर पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ बलात्कार की रिपोर्ट लिखाई है। पीड़िता का कहना है कि कलेक्टर पाठक ने उसे एनजीओ में बड़ा काम दिलाने का प्रलोभन देकर पहले दफ्तर बुलाया फिर उसके साथ दफ्तर में ही बलात्कार किया इतना ही नहीं महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पति को भी करियर प्रमोशन का आश्वासन दिया था। लेकिन सिर्फ कलेक्टर उन्हें आश्वासन देते रहे, लेकिन उनका काम नहीं किया। यही वजह है कि हमें यह कदम उठाना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने पूर्व कलेक्टर पाठक के खिलाफ धारा 376, 506, 509 के तहत जुर्म दर्ज किया है। महिला को रिपोर्ट लिखवाने के लिए एड़ी चोटी करना पड़ा, क्योंकि किसी कलेक्टर के खिलाफ इतना बड़ा आरोप लगाने के लिए पुलिस ने पर्याप्त आधार की मांग की थी। महिला द्वारा आधार बताया गया जिसमें कलेक्टर ने महिला के मोबाइल में चैटिंग की थी। यहां तक कि प्राइवेट पार्ट की फोटो भी मांगे थे। इसके अलावा और कई तथ्यों में कलेक्टर पूरी तरह फंसते नजर आए। इन तथ्यों को पुलिस ने बारीकी से जांच की। तकरीबन 3 घंटे तक जान चली। पुलिस ने उसके सारे आधार इकट्ठे किए। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।

 

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