कांग्रेस का बड़ा सवाल : क्या सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव में वोट सिर्फ हवाई जहाज में उड़ने वालों ने दिया था ?

०० सांसद सुनील सोनी बताए कि घरेलू विमान सेवा बिना फिजिकल डिस्टेंसिंग और बिना क्वॉरेंटाइन नियमों की अनिवार्यता के क्यों चालू होगी

०० आपदा काल के नियम भी गरीबों और अमीरों के लिए अलग-अलग क्यों

०० दुर्घटना, अन्य बीमारी और सर्पदंश जैसे कारणों से होने वाली मौत को कोरोना से जोड़कर डर और भय का वातावरण बनाने में जुटे हैं छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता!

रायपुर। विमानों में चलने वालों और रेल यात्रा सड़क यात्रा करने वालों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि क्या सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव में वोट सिर्फ हवाई जहाज में उड़ने वालों ने दिया था ? भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुनील सोनी आपदा काल में भी दोहरे मानदंड अपनाते हुये कोरी बयानबाजी और दिखावे की राजनीति कर रहे हैं। एक तरफ़ तो विदेशों में फंसे छात्रों के लिए केंद्र के बजाय राज्य सरकार को पत्र लिखते हैं, दूसरी ओर देश में सवा लाख कोरोना संक्रमण के आंकड़े पार होने पर घरेलू विमान सेवा शुरू करने एयरपोर्ट का जायजा लेने जाते हैं।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने पूछा है कि सोनी जी यह बताएं कि व्यावहारिक रूप से क्या इस स्थिति में पहुंच गए हैं की अंतरराज्य परिवहन सेवा चालू किया जाए? क्या इससे सामुदायिक प्रसार बहुत तेजी से नहीं फैलेगा? श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले कामगार भाइयों और बहनों के लिए जब 14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रहना अनिवार्य है तो फिर फ्लाईट से आने वालों के लिए क्यों नहीं? वर्मा ने कहा है कि देश में जब कोरोना संक्रमण के मामले 519 थे तब घरेलू विमान सेवा और रेलगाड़ियां बंद की गई। और वर्तमान में जब करोना के सामुदायिक प्रसार के मामले तेजी से आने लगे हैं तो अंतर राज्य परिवहन खोला जाना क्या प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और उनके जीवन से खिलवाड़ नहीं है? वर्मा ने कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, यात्री और छात्रों के साथ ही विशेष बसों से आने वाले लोगों के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग का नियम है लेकिन 25 मई से आरंभ हो रही घरेलू विमान सेवा में 1 सीट छोड़ने का नियम भी नहीं रखा गया और ना ही 14 दिन के क्वॉरेंटाइन का पालन करना इन हवाई यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा। वर्मा ने कहा है कि अमीर और गरीबों के बीच इतना भेदभाव क्यों? पूर्व में भी इसी तरह के कारणों से कोरोना का प्रसार हुआ है। यदि विदेशों से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट पर ही उचित जांच और कोरनटाइन कर दिया गया होता तो पूरे देश में लॉक डॉउन लागू करके सभी को कैद में रखने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती! वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक जमीन खिसकता हुआ देखकर भाजपा नेता गलत बयानी कर रहे हैं। देश में जहां कोरोना संक्रमण से मौत के मामले 3600 से अधिक पर पहुंच गया है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शिता, सही समय पर लिए गए सही निर्णय, प्रदेश की जनता के संकल्प और जागरूकता तथा स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा अमलों के अथक प्रयासों से छत्तीसगढ़ में अब तक एक भी मौत कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को यही तथ्य गले नहीं उतर रही है।वर्मा ने कहा है कि प्रदेश की जनता डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों और पुलिस के जवानों और पुलिस अधिकारियों  के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार  के कार्यों की प्रशंसा के बजाय हतोत्साहित करने झूठे और भ्रामक तथ्य गढ़ने में भाजपा नेता लगे हुये हैं। प्रदेश में होने वाले दुर्घटना अन्य कारणों से आत्महत्या के प्रकरण अन्य बीमारी से होने वाली मौत और सर्पदंश जैसे मामलों को कोरोना से जोड़कर डर और भय फैलाने का उचित प्रयास भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किया जा रहा है!

 

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