बिहार में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मज़दूरों के साथ प्रदेश सरकार के साथ बर्ताव अमानवीयता की पराकाष्ठा : शिवरतन

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना संकट के चलते बिहार में लॉकडाउन में फँसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी मज़दूरों के साथ प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे बर्ताव को अमानवीयता की पराकाष्ठा बताया है। श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट में भी प्रदेश सरकार प्रवासी श्रमिकों के साथ शर्मनाक राजनीतिक ओछेपन का परिचय देने से बाज नहीं आ रही है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को परेशान करने का जीवंत प्रमाण तब देखने मिला जब बिहार में छत्तीसगढ़ के मजदूरों को वापस लाने प्रदेश सरकार ने पंजीकरण के बाद सभी को मैसेज व फ़ोन से सूचित किया कि सभी मजदूर 19 मई को हाजिरी बता 20 को दरभंगा स्टेशन आ जाएँ, जहाँ से दो बजे ट्रेन दुर्ग के लिए रवाना होगी। दो सौ से अधिक मजदूर सपरिवार दरभंगा स्टेशन पहुँचे तो बताया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने औपचारिकता पूर्ण नहीं की है, इस कारण ट्रेन निरस्त कर दी गई है। सारे मजदूरों को पुनः जहाँ से आए थे, वहाँ वापस जाने कह दिया गया। अब उनके सामने समस्या हो गई कि जहाँ थे, वहाँ से भी लंबी दूरी तय कर पूरी तरह छोड़कर आ गए। श्री शर्मा ने कहा कि ऐसी स्थिति में वे श्रमिक न इधर के रहे, न उधर के। कोई भोजन आदि देने वाला भी नहीं। प्रदेश सरकार बातें तो बड़ी बड़ी कर रही, पर एक ट्रेन लाने की नियोजित व्यवस्था नहीं कर पा रही है। क्या किसी अधिकारी की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती कि प्रदेश के मजदूरों को कोई तकलीफ न हो। सबकी चिंता कर ट्रेन रवाना होने तक सब प्रकार की चिंता कर ली जाए। अब सारे परिवार सड़क पर आ गए हैं।

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