भारत में संक्रमण की दर चीन से भी तेज : मोहन मरकाम

०० घंटा बजाने ताली बजाने बत्ती बुझाने दिया जलाने” के बावजूद हमारे देश में करोना संक्रमण की गति ज्यादा तेज : कांग्रेस

०० लॉक डाउन 3 भी खत्म होने को आ गया है लेकिन केंद्र सरकार के पास कोई योजना ही नहीं है

०० चीन को 80000 संक्रमण संख्या होने में करोना की शुरुआत से 176 दिन लगे थे जबकि भारत में 86000 संक्रमण करोना की शुरुआत के 106 दिनों में ही हो गये

रायपुर। देश में करोना संक्रमितों की संख्या 86000 हो जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि चीन में 80000 संक्रमण संख्या होने में करोना की शुरुआत से 176 दिन लगे थे जबकि भारत में करोना की शुरुआत के 106 दिनों में ही 86 हजार से अधिक संक्रमण हो चुके हैं। चीन की आबादी भारत से अधिक है उसके बावजूद भारत में संक्रमण की दर अधिक होना बहुत ही चिंता और दुख का विषय है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि  24 मार्च से शुरू हुए लाभ डाउन की घोषणा करते हुये करोना के खिलाफ लड़ाई 21 दिन में जीतने का प्रधान जी ने दावा किया था। वो 21 दिन तो कबके बीत गये । कल 17 मई को लॉकडाउन 3 समाप्त होने जा रहा है और आज आंकड़ा 86000 पहुंच रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि Niti Aayog के सदस्य डॉ एके राय ने कहा था कि 16 मई को भारत में करोना प्रभावितों की संख्या शून्य हो जायेगी। आज भारत में करोना संक्रमित की संख्या की संख्या पचासी के आगे 3 शून्य अर्थात 85000 है। मरकाम ने कहा है कि आज तक देश ने वह सब किया जो प्रधानमंत्री जी ने कहा। लॉक डाउन वन लॉक डाउन 2 लॉक डाउन 3 देश ने प्रधानमंत्री जी के कहने पर किया। घंटियां बजायीं, थालिया बजायीं, बत्तियां बुझाई और  दीए जलाये। सब कुछ तो किया देश ने। घंटा बजाने थाली बजाने बत्ती बुझाने दिया जलाने” के बावजूद हमारे देश में करोना संक्रमण की गति ज्यादा तेज है। मरकाम ने कहा है कि देश के मजदूरों को भूखप्यास बेबसी रहने की जगह का संकट बच्चों के मुंह के निवाले का संकट इलाज की समस्या खेलने के साथ-साथ औरंगाबाद गुना मुजफ्फरनगर और अब औरैया जैसी दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर नौकरी पेशा लोग छोटे व्यापारी सब की जमा पूंजी खत्म हो गई है। करोना के परिणामस्वरूप देश का व्यापार छोटे उद्योग धंधे ठेले वाले खोमचे वाले फुटकर व्यापारी लोहार बढ़ई जैसे छोटे-छोटे काम करने वाले सब तबाह हो गये। देश के करोड़ों मजदूरों के दुख, पीड़ा भूख प्यास बेबसी और कष्ट के लिए  केंद्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार ने बिना विचार किए लॉक-डाउन न किया होता, राज्यों से विचार विमर्श कर लिया होता और सही ढंग से स्थिति को सम्हाल होता  तो आज यह  दिन नहीं देखने पड़ते. मजदूरों की मदद के लिए  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व  में हर कांग्रेस कार्यकर्ता  जुट  गया है ।  आज मजदूर की हालत देखकर शर्मिंदगी और तकलीफ होती है । मजदूरों की पीड़ा में सहभागिता के बावजूद  क्योंकि आज भी निर्णय लेने का अधिकार केंद्र के पास है और सारे संसाधन भी उन्हीं के पास है. यह बड़ी दुखद स्थिति बन रही है और देश का हर नागरिक इस पीड़ा को महसूस कर रहा है। मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में करोना से लड़ाई के प्रथम पंक्ति के योद्धा सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों डॉक्टरों स्वास्थ्य कर्मियों पुलिस नगरीय निकायों के अधिकारियों मनरेगा कार्यकर्ताओं पंचायतों के सचिव सहित सबने बहुत अच्छा काम किया है और सब की मेहनत का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में आज स्थिति बहुत बेहतर है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित भाजपा के नेताओं द्वारा राजनीतिक दांवपेच में करुणा के खिलाफ लड़ाई में प्रथम पंक्ति के योद्धाओं को भी निशाना बनाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दुख और पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि अभी-अभी बैरियर ड्यूटी कर रहे नायब तहसीलदार आर आई और पटवारी के करोना संक्रमण होने की आशंका का मामला  सामने आया है। छत्तीसगढ़ में करोना से लड़ाई हम जीतेंगे लेकिन इसके लिए पक्ष विपक्ष सबको साफ मन के साथ काम करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं द्वारा लगातार नुक्ताचीनी किए जाने और असंयमित बयानबाजी से करोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश स्पष्ट उजागर होती है। एक और देश की सरकार ने और देशभर के मजदूरों ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के प्रयत्नों को और समर्पण को लगातार सराहा है,  दूसरी ओर डॉ रमन सिंह जैसे भाजपा के नेता सहयोग करने के बजाय सिर्फ गलती ढूंढने और बयान बाजी कर अपने अहम को और राजनैतिक स्वार्थ को संतुष्ट करने में लगे हैं। मरकाम ने कहा है कि आज सभी देशवासियों और सभी छत्तीसगढ़ वासियों को समस्या को समझने, करोना संक्रमण से सचेत रहने,  स्वास्थ्य को लेकर डब्ल्यूएचओ केंद्र सरकार और राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करने और सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

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