धान उपार्जन केन्द्रों में चलाया जाए चबूतरे और शेड निर्माण का अभियान : भूपेश बघेल

०० मुख्यमंत्री ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा, रासायनिक खादों का 60 प्रतिशत भण्डारण पूर्ण

०० मुख्यमंत्री ने किसानों से खाद का उठाव करने का किया आग्रह

०० चालू वित्तीय वर्ष में 61 हजार से अधिक किसानों को 215 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित

रायपुर| मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने धान उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान को बारिश से बचाने के लिए अभियान चलाकर धान उपार्जन केन्द्रों में चबूतरे और शेडों के निर्माण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा से चबूतरों का निर्माण कराया जाए और मंडी बोर्ड से शेडों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन धान उपार्जन केन्द्रों में अधिक धान आता है वहां यह कार्य पहले किया जाए। श्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित सहकारिता विभाग की बैठक में यह निर्देश दिए। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

बघेल ने खरीफ मौसम के लिए किसानों से रासायनिक खाद का उठाव करने का आग्रह किया है। बैठक में बताया गया कि सोसायटी मंे खरीफ वर्ष 2020 के लिए लाख 35 हजार मेटरिक टन रासायनिक खाद भण्डारण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक लाख 73 हजार 59 मेटरिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण किया जा चुका हैजो लक्ष्य का 60 प्रतिशत है। अब तक 13 हजार 520 मेटरिक टन खाद का वितरण भी किया जा चुका है। इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2020 के लिए दो लाख 29 हजार 200 क्विंटल धान बीज का भण्डारण किया जा चुका है। जिसमें से 15 हजार 625 क्विंटल धान बीज का वितरण अब तक किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2020-21 में कृषकों को सहकारी समितियों और बैंकों के माध्यम से 5200 करोड़ रूपए के ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके विरूद्ध अब तक 61 हजार 700 किसानों को 215 करोड़ रूपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डलस्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्लाआदिम जाति विकास विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंहसहकारिता विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्नामार्कफेड की प्रबंध संचालक श्रीमती शम्मी आबिदीमुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया भी उपस्थित थीं।

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