तेन्दूपत्ता संग्रहण के पहले सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित हो : वन मंत्री अकबर 

०० छत्तीसगढ़ में इस वर्ष लगभग 17 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य

रायपुर|  छत्तीसगढ़ में एक सप्ताह के भीतर तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने इससे पहले सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर अच्छी गुणवत्ता के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य में इस वर्ष 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है।
वन मंत्री श्री अकबर ने तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भाति पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य के पहले फड़ मुंशियों से लेकर नोडल अधिकारी तथा जोनल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कर ली जाए। अच्छी गुणवत्ता के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए फड़ मुंशियों, कर्मचारियों तथा अधिकारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाए और संग्राहकों को भी उचित मार्गदर्शन दिया जाए। तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान हर दिन संग्राहक कार्ड में तेन्दूपत्ता खरीदी और भुगतान की प्रविष्टि अवश्य की जाए। यह संग्राहक कार्ड तेन्दूपत्ता संग्राहक के पास ही रहेगा। तेन्दूपत्ता खरीदी करते समय तेन्दूपत्ते की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी हालत में कटा-फटा, दाग वाला, बहुत छोटा तथा कच्चा पत्ता कदापि क्रय नहीं किया जाए। गड्डियों में पत्तों की संख्या भी 48 से कम तथा 52 से अधिक नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए शासन के जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत समस्त फड़ मुंशियों तथा फड़ अभिरक्षकों द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण के पूर्व कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर समस्त संग्राहकों को जागरूक और सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। तेन्दूपत्ता संग्राहक संग्रहण के दौरान मास्क पहनकर तथा एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर संग्रहण का कार्य करें। संग्राहकों द्वारा संग्रहण पश्चात हाथों को साबुन से अनिवार्य रूप से धोया जाए। संग्रहित पत्ता फड़ पर देते समय भी अनिवार्य रूप से मास्क लगाया जाए। तेन्दूपत्ता तोड़ाई और संग्रहण के समय अगर किसी को बुखार, खांसी तथा जुकाम की शिकायत हो तो उनके द्वारा संग्रहण कार्य नहीं कराया जाए। इसी तरह बोरा भर्ती तथा परिवहन के समय बोरा भराई, परिदान तथा लोडिंग-अनलोडिंग के समय फड़ मुंशी, मजदूर तथा क्रेता अथवा क्रेता प्रतिनिधि द्वारा हाथ में दस्ताने पहनकर, मास्क पहनकर तथा एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर कार्य करें और इनके द्वारा प्रत्येक एक घंटे में हाथ अनिवार्य रूप से धोया जाए। परिवहन के पहले ट्रक तथा सभी सामानों को भी सेनेटाईज किया जाए। तेन्दूपत्ता के गोदामीकरण करते समय गड्डी चेकिंग तथा छल्ली लगाई आदि कार्य मजदूरों के द्वारा हाथ में दस्ताने पहनकर, मास्क पहनकर और एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर कार्य किया जाए। इस तरह वनोपज के कार्य स्थल और परिवहन के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शासन तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाईन एवं एडवाईजरी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।

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