भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर भाजपा ने उन्हें किया याद

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मंगलवार को संविधान रचयिता भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर विविध व्यक्तिगत कार्यक्रम रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर जारी लॉकडाऊन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इन कार्यक्रमों को व्यक्तिगत स्तर पर रखा गया था। भाजपा नेताओं व कार्यकर्त्ताओं ने इस अवसर पर डॉ अम्बेडकर के योगदान का पुण्य स्मरण भी किया।
कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री सौदानसिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने डॉ भीमराव अम्बेडकर के चित्र का पूजन कर, माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने भी डॉ अम्बेडकर का पुण्य स्मरण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर प्रदेश कार्यालय में आकर्षक रंगोली भी बनाई गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने अपने निवास पर ही संविधान रचयिता डॉ अम्बेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी अपने निवास पर डॉ. अम्बेडकर के चित्र का पूजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव व संसद सदस्य सुश्री सरोज पाण्डे ने नई दिल्ली स्थित अपने निवास पर भारत रत्न डॉ अम्बेडकर की 129वीं जयन्ती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संसद सदस्य रामविचार नेताम ने अपने निवास पर संविधान रचयिता डॉ अम्बेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बिल्हा स्थित अपने निवास में पुष्पांजलि अर्पित की। सभी भाजपा पदाधिकारियों व नेताओं ने इस मौके पर भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर के सामाजिक व राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डाला। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री उसेण्डी ने कहा कि डॉ अमेबडकर ने जातिवाद की जिस सामाजिक बुराई के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया वह प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जातिभेद की इस सामाजिक बुराई का अन्त करके हम एक नए सामाजिक धरातल पर नए भारत की नींव रखने के लिए कृतसंकल्पित हों, यही डॉ अम्बेडकर के प्रति हम सबकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने स्वतंत्र भारत के जिस संविधान की रचना की उसके प्रति निष्ठावान रहते हुए हम सभी भारतीय विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरव को अनुभव कर रहे हैं। भारतीय लोकतंत्र की सफलता इस तथ्य पर आश्रित है कि जातिभेद के विषैले दंश से भारतीय समाज को मुक्त कर सामाजिक समरसता के भाव से भर दें ताकि एक राष्ट्र के रूप में हर एक भारतीय उस लोकतांत्रिक व सामाजिक गौरव की अनुभूति कर सके जसका सपना भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर ने संजोया था।

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