जैसा राशन कार्ड पर फ़ोटो छपाने किया वैसे ही समाज द्वारा बाँटे जा रहे राहत पर भी अपना फ़ोटो छपाने सीएम की क़वायद : मूणत

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश सरकार के उस फैसले पर हैरत जताई है जिसमें सरकार ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी लॉकडाउन में प्रभावित गरीब परिवारों को सामाजिक संस्थाओं द्वारा सीधे सहायता सामग्री पहुँचाने पर रोक लगाई गई है। श्री मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस फैसले में उनकी राजनीतिक मानसिकता तो झलक ही रही है, साथ ही सरकार स्वयंसेवी संस्थाओं के उस जज्बे का अपमान भी कर रही है जो संकट की इस घड़ी में समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के रूप में व्यक्त हो रहा है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने अपने ताजा फैसले में शासन ने कहा है कि अब किसी भी प्रकार की सहायता सामग्री सरकार व प्रशासन के माध्यम से ही प्रभावित परिवारों तक पहुँचेगी। सभी गैर सरकारी संस्थाएँ अब सरकार को सामग्रियाँ मुहैया कराएगी और सरकार उनका वितरण करेगी।

पूर्व मंत्री श्री मूणत ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास इतने संसाधन भी नहीं हैं कि वह हर प्रभावित गरीब परिवारों की जानकारी जुटाकर उन्हें सहायता सामग्री पहुँचा सके, तो फिर सरकार ने इस तरह का तुगलकी फैसला क्या सोचकर लिया है? एक तरफ सरकार संसाधनों की कमी का रोना रो रही है और दूसरी तरफ स्वस्फूर्त सहायता व सेवा कार्य के लिए आगे आ रहीं स्वयंसेवी व सामाजिक संस्थाओं को रोकने का निंदनीय कृत्य कर रही है। इस तरह सरकार अपने गरीब विरोधी राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। पूर्व मंत्री श्री मूणत ने कहा कि अब प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह नगर-मोहल्ला शांति समितियों की तर्ज पर मोहल्ला सहायता समितियों को गठन करे ताकि जरूरतमंद प्रभावित परिवारों की पहचान कर शीघ्रता से उन्हें समय पर सहायता सामग्रियों का वितरण हो सके। पूर्व मंत्री श्री मूणत ने कहा कि गैर-सरकारी संस्थाओं को सीधे राहत सामग्री पहुँचाने से रोकने से यह साफ प्रतीत हो रहा है कि दरअसल कोरोना संक्रमण के खात्मे के मोर्चे पर अपनी विफलता से प्रदेश सरकार अपराधबोध से ग्रस्त हो चली है और झूठी शेखी बघारकर वाहवाही लूटने  के उसके अभियान की पोल खुल गई है। इसलिए अब प्रदेश सरकार के खजाने से एक पाई खर्च किए बिना स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा जुटाई गई राहत सामग्रियों को अपनी फोटो वाले झोले में बाँटकर मुख्यमंत्री बघेल श्रेय लूटने की सस्ती राजनीति करने पर आमादा हैं। श्री मूणत ने कहा कि यह समय सस्ती सुर्ख़ियाँ बटोरने या प्रचार करने का नही नही। लेकिन अपना फ़ोटो छपाने की भूख ने मुखिया का विवेक ख़त्म कर दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि फ़ोटो की इसी भूख ने प्रदेश के ग़रीबों को हफ़्तों तक राशन कार्ड बनाने के लिये परेशान कर दिया था। श्री मूणत ने कहा कि कम से कम इस समय कांग्रेस सरकार ओछी राजनीति छोड़कर अपने इस फैसले को तुरंत वापस ले। पूर्व मंत्री मूणत ने सुझाव दिया कि तत्काल मोहल्ला समितियाँ गठित कर राहत कार्य चलाये जायें ताकि गरीब जरूरतमंद परिवारों की परेशानियों का स्थानीय स्तर पर तुरंत समाधान किया जा सके।

 

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