ग्राम पंचायतों को चावल दे कर पैसे वसूल रही सरकार : भाजपा

०० कोरोना संकट के समय यह अनुचित वसूली जैसा कार्य बंद करे सरकार 

रायपुर। भाजपा नेत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य श्रीमती हर्षिता पांडेय, पूर्व मंत्री एवं नागरिक आपूर्ति निगम की पूर्व अध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी और प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती पूजा विधानी ने एक संयुक्त बयान जारी कर पंचायतों से शासन द्वारा ‘अनुचित वसूली’ पर निशाना साधा है। भाजपा नेत्रियों ने कहा है कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों को चावल तो दे रही है, पर इस कोरोना संकट के समय उस चावल की कीमत भी वसूल रही है। उन्होंने इस वसूली पर तुरंत रोक लगाते हुए पंचायतों को पैसा वापस करने की मांग की है। नेत्रियों ने कहा कि इस समय जब समूचा देश-दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य भी इसके कुप्रभाव से अछूता नहीं है। इसकी रोकथाम एवं नियंत्रण के साथ-साथ लॉकडाउन अवधि में किसी भी परिवार एवं व्यक्ति को भूखा न रहना पड़े इसके लिए समुचित व्यवस्था करने की ज़रुरत है।
भाजपा नेत्रियों ने कहा कि ऐसे में छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में 2 क्विंटल चावल रखने का निर्देश दिया गया है। ग्राम पंचायतों में 2 क्विंटल चावल खाद्य विभाग ने उपलब्ध करा दिया है लेकिन इसके लिए पंचायत के मूलभूत मद से इसके एवज में प्रति क्विंटल 3271 रुपए के मान से 6542 रुपए की राशि चेक के रूप में ली गई है, यह अनुचित है। उन्होंने कहा कि मूलभूत मद की राशि ग्राम पंचायत की निधि होती है जिसका उपयोग ग्राम पंचायत को अपने विकास के कार्यों में करने का होता है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, किन्तु राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर चावल, दाल आदि की व्यवस्था स्वयं करने के बजाय ग्राम पंचायत के मूलभूत मद का उपयोग किया गया है जो उचित नहीं है। नेत्रियों ने कहा कि पंचायतों के साथ ‘इस हाथ दे उस हाथ ले’ जैसा काम कर भूपेश सरकार बस झूठी वाहवाही लूट रही है। इस वैश्विक संकट के समय गंभीरता से कार्य करने, इमानदार कोशिश करने के बजाय सीएम अनावश्यक बयानबाजी में उलझे हैं या फिर समय काट रहे हैं। उन्होंने सरकार को जिम्मेदारी से कार्य करने की नसीहत दी है| भाजपा नेत्रियों श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, सुश्री लता उसेंडी, श्रीमती पूजा विधानी ने  कहा कि ऐसे संकट के समय पंचायतों को अपने स्तर पर ही अनेक कार्य करने होंगे। उनके पास वैसे भी निधि का काफी अभाव होता है। ऐसे में अलग से उन्हें राशि उपलब्ध कराने के बदले जो चंद पैसे उनके पास होते हैं, उसे भी एक तरह से छल से हड़प लेने का यह कार्य अनुचित है। उन्होंने पंचायतों से ली गयी राशि बिना देरी किये उनके खाते में वापस करने की मांग करकार से की है। साथ ही भाजपा नेत्रियों ने सीएम बघेल से अपेक्षा की है कि फिलहाल वे हल्की राजनीति छोड़ कर गांव के गरीब महिलाओं, परिवारों के चूल्हे-चौके की चिंता करेंगे। भाजपा नेत्रियों ने मांग की है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक निश्चित धन राशि उपलब्ध कराई जाय ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए पंचायतें उसका उपयोग कर सकें।

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