कोरोना संकट में ग्रामोद्योग द्वारा निर्मित मास्क की बढ़ी मांग

०० विभिन्न विभागों को अब तक एक लाख मॉस्क की हुई आपूर्ति

रायपुर| कोरोना संक्रमण और संक्रामक रोगों से बचाव एवं व्यक्तिगत स्वच्छता हेतु ग्रामोद्योग द्वारा निर्मित मास्क  की मांग लगातार बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर विभाग द्वारा सूती कपड़े और  पीसी कॉटन वस्त्रों से    मास्क निर्मित कर रियायती दर पर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी अनुसार इसके किफायती और बार-बार उपयोग होने वाले एक लाख मास्क की आपूर्ति विभिन्न विभागों को की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से तैयार कराया जा रहा है। सूती कपड़े से निर्मित इस मास्क की विशेषता है कि इसे डेटॉल या किसी एंटीसेप्टिक से साफ कर अनेक बार उपयोग किया जा सकता है इन विशेषताओं के कारण से यह मास्क धूल, प्रदूषण और संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए उपयुक्त है तथा बीस रुपए प्रति मास्क की दर से आसानी से उपलब्ध भी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए लगे लॉकडाउन की स्थिति में इस मास्क को क्रय करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित, बी- 26 सेक्टर-7 विजेता कॉम्प्लेक्स के सामने, न्यू राजेंद्र नगर रायपुर स्थित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

 

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