चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता पड़ने पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा करने के लिए भी पहल की जाएगी: सुश्री उइके

०० राज्यपाल ने मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक
०० राज्य में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उठाए जा रहे कदमों की ली जानकारी

रायपुर| राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर समीक्षा बैठक ली, जिसमें मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, राज्यपाल एवं श्रम विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा, चिकित्सा विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, खाद्य विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे। राज्यपाल ने प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए उठाए गए समस्त एहतियाती कदम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा संक्रमण से बचाव के लिए किये जा रहे कार्य संतोषजनक है, मुख्य सचिव सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी कर्मठता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा- कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चिकित्सा उपकरणों, मास्क तथा अन्य संसाधनों की आवश्यकता होने पर मुझे जानकारी दें मैं स्वयं इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति से भी चर्चा करने की पहल करूंगी। अभी कोरोना वायरस से बचाव के लिए निर्णायक लड़ाई बाकी है, इसके लिए हम सबको टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि लॉकडाउन का गंभीरता से पालन कराएं और लोगों को जागरूक करें, परन्तु यह ध्यान रखें कि जो भी प्रवासी नागरिक-तीर्थ यात्री जो हमारे राज्य में बाहर से आए हैं, उनके रहने-खाने और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करें। साथ ही हमारे राज्य के नागरिक भी दूसरे प्रदेशों में किसी कारणवश फंसे हुए हैं, उनकी मदद के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव संबंधित राज्य के मुख्य सचिव से चर्चा करें। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े-बड़े महाविद्यालय के भवनों को भी इलाज उपयोग में लाने के लिए तैयार किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि शासन द्वारा उठाए जा रहे कदम और अद्यतन स्थिति की नियमित रूप से जानकारी प्रदान करें। राज्यपाल ने कहा कि यह ध्यान रखें कि श्रमिक परेशान न हों, संबंधित उद्योग धंधे और संस्था उन्हें कार्य से मुक्त न करें और उन्हें आजीविका के लिए नियमित मजदूरी देना सुनिश्चित करें। शासन भी उनकी मदद के लिए आवश्यक कार्यवाही करे। कोई गरीब-निर्धन, मजदूर परेशान न हों, सबका ख्याल रखें। बेघर, निराश्रित लोगों की भोजन-रहवास तथा इलाज की भी व्यवस्था करें। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस आम लोगों के साथ संवेदनशीलता के साथ पेश आएं, यदि लॉकडाउन के कारण अति आवश्यक काम के लिए जो बाहर निकलते हैं उन्हें अनावश्यक परेशान न करें बल्कि उनकी मदद करें, हो सके तो दवाईयां सहित अन्य खाद्य सामग्री की आवश्यकता हो, उन्हें दिलाने में भी सहयोग करें, साथ ही लॉकडाउन का गंभीरता से पालन कराएं और जो बेवजह इसका उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें समझाईश दें और नियमानुसार कार्यवाही करें। राज्यपाल ने कहा कि अभी फसल कटाई का भी समय है। शासन उनकी फसलों की कटाई के लिए मशीन उपकरण की परिवहन की अनुमति दें और आवश्यकतानुसार सहयोग करें, जो सब्जियां बाजार में आने के लिए तैयार है, उनके उचित ढंग से पहुंचने और उनकी सुरक्षा की भी उपाय करें। इसके लिए पंचायत में मुनादी भी कराएं। राज्यपाल ने कहा कि जिन प्रभावित तथा संभावित लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है, उन्हें मानसिक तनाव से बचाने के लिए मनोवैज्ञानिक-मनोचिकित्सक की मदद लें। मुख्य सचिव श्री मंडल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में उठाए गए आवश्यक कदमों के फलस्वरूप अन्य राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। इस अभियान की स्वयं तथा अन्य संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों द्वारा निरन्तर निरीक्षण किया जा रहा है। यह हरसंभव कोशिश की जा रही है कि आम जनता को कोई परेशानी न हो और उन्हें इलाज और दवाईयों की सहायता समय पर मिलते रहे। प्रत्येक पंचायत में दो-दो क्विंटल अनाज की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर रायपुर जिला के कलेक्टर श्री एस. भारतीदासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख उपस्थित थे।

 

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