विधानसभा में गूंजा आयकर छापा का मुद्दा, छापे को लेकर मंत्रियों के बयानबाजी पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा

०० विपक्षी सदस्यों ने उठाया इनकम टैक्स की टीम की गाड़ियां जब्त करना और उनके काम में बाधा पहुंचाने का मुद्दा

रायपुर| सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को प्रदेश में आयकर विभाग की छापेमारी का मुद्दा गूंजा। प्रश्नकाल के बाद विपक्ष ने इनकम टैक्स छापे को लेकर केंद्र पर आरोप लगाने का मामला उठाया। साथ ही विपक्षी सदस्यों ने इनकम टैक्स की टीम की गाड़ियां जब्त करना और उनके काम में बाधा पहुंचाने का मुद्दा भी उठाया। विपक्ष के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के द्वारा आयकर छापे को लेकर दी जा रही बयानबाजी पर सरकार से जवाब मांगा।

विपक्षी सदस्य ननकीराम ने आयकर की कार्रवाई के दौरान मंत्रियों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करने की मांग की। विपक्ष ने प्रदेश में अधिकारी और व्यापारियों के ऊपर छापेमारी की कारवाई से राजनीतिक अस्थिरता पर सवाल उठाए। विपक्षी सदस्यों ने छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ के उपयोग को बताया न्यायसंगत और छत्तीसगढ़ में 2011 में हुई छापेमारी कार्रवाई में सीआरपीएफ के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही विपक्ष ने सदन से काम रोको प्रस्ताव के जरिए आईटी कार्रवाई को लेकर सरकार के रुख के खिलाफ चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत ने विपक्ष की काम रोको प्रस्ताव की मांग को खारिज कर दिया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष की हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन में आयकर छापेमारी को लेकर सरकार की अस्थिरता के मुद्दे पर अजीत जोगी ने कहा, किसी अधिकारी और कारोबारी के घर छापे से सरकार पर क्यों असर होगा या सरकार कैसे गिर जाएगी। उन्होंने कहा, कारोबारी और अधिकारियों के यहां छापेमारी कार्रवाई की गई है। किसी व्यक्ति विशेष राजनीतिक पर कार्यवाई नहीं हुई है, इसलिए अभी से प्रतिक्रिया व्यक्त करना गलत है।

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