प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेही बनाना सूचना का अधिकार का मूल उद्देश्य : राज्य सूचना आयुक्त अग्रवाल

०० प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं जनसूचना अधिकारियों का प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

रायपुर/बालोद| राज्य सूचना आयुक्त श्री अशोक अग्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सूचना का अधिकार विशय पर आयोजित प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं जनसूचना अधिकारियों का प्रशिक्षण सह कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेही बनाना सूचना का अधिकार का मूल उद्देश्य है। सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम आम जनता की भलाई के लिए बनाया गया है। नागरिकों के द्वारा शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्यों की जानकारी मांगने पर निर्धारित समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने का दायित्व हमारा है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों, दस्तावेजों और कार्यक्रमों को विभागीय वेबसाईट में प्रदर्शित करे, ताकि आम नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन लगाने की जरूरत ही ना पड़े। राज्य सूचना आयुक्त श्री अग्रवाल ने कहा कि आवेदक को समय-सीमा के भीतर जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी आपके कार्यालय से संबंधित नहीं है, तो उसे संबंधित कार्यालय को पॉच दिवस के भीतर आवेदन पत्र को अंतरित किया जाए।

राज्य सूचना आयुक्त श्री मोहनराव पवार ने कहा कि हर नागरिक को जानने का मौलिक अधिकार है। जनसूचना अधिकारी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों को स्वयं पढ़े। इससे गलती की संभावना कम होगी। इसमें जानकारी देने की समय-सीमा और शुल्क निर्धारित है। जनसूचना अधिकारी इसका विशेश ध्यान रखें। राज्य सूचना आयुक्त श्री पवार ने कहा कि जनसूचना अधिकारी समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ है तो आवेदक प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकता है। प्रथम अपीलीय अधिकारी निर्णय देने के बाद उसे समय सीमा में कार्यान्वित कराना प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने जनसूचना अधिकारियों से कहा कि जब आवेदक सूचना का अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत करता है, तो आवेदन पत्र को ध्यान से पढ़े, आवेदन पत्र में एक से अधिक विशय की जानकारी चाही गई है, तो केवल एक विशय की जानकारी आवेदक को दी जा सकती है। इसी तरह सशुल्क जानकारी देने की स्थिति पर शुल्क की गणना भी आवेदक को दी जाए और आवेदक द्वारा शुल्क जमा करने के पश्चात् ही वांछित जानकारी की फोटोकॉपी उपलब्ध कराई जाए। श्री पवार ने कहा कि आवेदक को जानकारी देते समय जनसूचना अधिकारी का नाम, पदनाम का भी स्पश्ट उल्लेख किया जाना चाहिए। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कहा कि जनसूचना अधिकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के नियमों की जानकारी रखें। कार्यशाला में अधिनियम की बारिकियों को ध्यान से समझें और किसी प्रकार की शंका हो तो जरूर पूछें। कार्यशाला में सूचना आयुक्तद्वय ने प्रथम अपीलीय अधिकारी और जनसूचना अधिकारियों के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान किया। एक दिवसीय कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स श्री एन.के.यादव और श्री आर.के.शर्मा द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित कर जानकारी दी गई। कार्यशाला की समाप्ति पर अपर कलेक्टर श्री ए.के.बाजपेयी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री लोकेश कुमार चन्द्राकर, संयुक्त संचालक श्री धनंजय राठौर, एस.डी.एम. गुण्डरदेही डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, श्री आर.एस.ठाकुर, श्री अभिषेक दीवान सहित विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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