नेताम का सवालः अफसरों के यहां छापे पर सीएम क्यों विचलित?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रामविचार नेताम ने प्रदेश में चल रही आयकर छापों की कार्रवाई को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों व कांग्रेस नेताओं की बदहवासी पर कटाक्ष किया है। श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री का केन्द्र सरकार पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप निरा बचकाना है और ऐसा कहकर मुख्यमंत्री बघेल ने न केवल अपनी सियासी विफलता को स्वीकार किया है, बल्कि अपनी सरकार व पार्टी को ही संदेह के दायरे में खड़ा करने का काम कर दिया है।
भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्री नेताम ने कहा कि आयकर के ये छापे रूटीन प्रक्रिया के हिस्सा हैं। यूपीए शासनकाल में भी छत्तीसगढ़ के अफसरों के यहां आयकर के छापे पड़ते रहे हैं, लेकिन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने तो कभी ऐसी बदहवासी नहीं दिखाई और न ही कोई प्रोपेगेंडा किया। भाजपा सरकार को यह विश्वास था कि उसकी सरकार अफसरों पर छापा पड़ने से कतई अस्थिर नहीं होगी। लेकिन प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री को 68 विधायकों वाली अपनी सरकार के अस्थिर हो जाने का डर क्यों सताने लगा है? क्या मुख्यमंत्री अपने विधायकों के बजाय अफसरों के समर्थन व साथ से सरकार चला रहे हैं? श्री नेताम ने यह भी जानना चाहा कि इन छापों से मुख्यमंत्री बघेल इतने विचलित क्यों हो गए कि उन्हें कैबिनेट की बैठक रद्द कर दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ गई? यह सचमुच हैरतभरा है कि छापे की कार्रवाई शुरू होने पर एक दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम स्वागत करते हैं और अगले ही दिन डर के मारे पूरी सरकार और कांग्रेस राजभवन पहुंच जाती है। आयकर छापों के मद्देनजर प्रदेश सरकार और कांग्रेस ने खुद की जगहंसाई कराने व खुद को संदेह के दायरे में खड़ा करने का काम किया है। भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नेताम ने इस बात पर भी तंज कसा कि आयकर छापों को लेकर शनिवार को कांग्रेस ने उस आयकर भवन का घेराव किया, जो अवकाश के चलते बंद था। कांग्रेस नेतृत्व ऐसे हास्यास्पद उपक्रम करके जिस बचकानेपन का परिचय दे रहा है, उससे कांग्रेस व प्रदेश सरकार की सूझबूझ व नेतृत्व की परिपक्वता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। एक दिन पहले राज्यपाल को ज्ञापन देने वाले मुख्यमंत्री, मंत्री, कांग्रेस नेताओं के ‘मार्गदर्शन’ में छुट्टी के दिन आयकर भवन का घेराव कर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस नेताओं ने इस आशंका को बल दे दिया है कि इन छापों में अपने बेनकाब होने से भी सरकार व कांग्रेस भयभीत है। श्री नेताम ने कहा कि अब प्रदेश सरकार और कांग्रेस का भाजपानीत केन्द्र सरकार पर लगाया जाने वाला आरोप कांग्रेस की खिसियाहट से भरा है और खंभे नोचने के अलावा उनके पास और कोई काम नहीं रह गया है।

 

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