असफल नोटबंदी की तरह शराब दुकानों में ताला लगाकर शराबबंदी नही : कांग्रेस

०० पूर्व के रमन सरकार में भाजपा के विधायक शराब की बिक्री बढ़ाने अध्ययन करने गए थे अब शराबबंदी के अध्ययन दल में शामिल किस मुंह से होंगे ?

रायपुर। शराबबंदी पर सवाल उठा रहे भाजपा नेताओं को कांग्रेस ने करारा जवाब दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार के दौरान भाजपा के विधायक शराब की बिक्री कैसे बढ़ाया जाए इसका अध्ययन करने गए थे? अब शराबबंदी के अध्ययन दल में किस मुंह से शामिल होंगे? छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के चाल चरित्र चेहरे को पहचानती है पूर्व की रमन सरकार ने शराब के कमीशन के लिए 138 साल पुराने आबकारी नीति में संशोधन किया था और आज शराबबंदी की मांग कर अपने पुराने पापों पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश कर रही है। राज्य सरकार शराबबंदी करने सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक काम कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि मोदी सरकार के नोटबंदी की तरह शराब बंदी लागू नही की जायेगी। भाजपा के लिए शराबबंदी का मतलब सिर्फ शराब दुकानों में ताला लगाना है कांग्रेस के लिए शराबबंदी का मतलब पूर्व के रमन सरकार के दौरान जो घर-घर तक शराब पहुंचायी गई है, उसे  जन जागरूकता के माध्यम से ठोस नीति के तहत घरों से बाहर निकाल कर आम जनता के जनजीवन से दूर करना है। मोदी सरकार के द्वारा मनमानी तरीके से लागू की गई नोटबंदी की विफलता देश की जनता ने देखा है। कैसे नोटबंदी के दौरान कतार में खड़े होकर 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई, रोजी, रोजगार, व्यापार, व्यवसाय तबाह हो गया देश आर्थिक मंदी के बुरे दौर से गुजर रहा है। ठाकुर ने कहा है कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस द्वारा  जिन 36 बिंदुओं पर घोषणा की गयी थी, 1 साल के कांग्रेस  सरकार ने 36 में से 22 बिंदुओं पर काम कर जनता को राहत पहुंचायी गयी है। छत्तीसगढ़ की जनता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार पर विश्वास करती है भरोसा करती है। ठाकुर ने कहा है कि भाजपा शराबबंदी के नाम से राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय सरकार के द्वारा गठित शराबबंदी की कमेटी पर शामिल होकर शराबबंदी में सहयोग करना चाहिये। भाजपा राज्य के मुख्य विपक्षी दल के दायित्व का निर्वहन करें तो राज्य हित में बेहतर होगा। 

 

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