छत्तीसगढ़ स्थापना के बाद से अभी तक कार्यरत सभी एनजीओ की निष्पक्ष जांच हो ताकि भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके : संजीव अग्रवाल

रायपुर| कांग्रेस नेता और आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने मीडिया के माध्यम से एक अहम मुद्दे पर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि सन् 2000 में छत्तीसगढ़ की स्थापना के बाद से अभी तक जितनी भी एनजीओ सरकार के साथ मिलकर कार्यरत हैं उसमें कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की बू आ रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसमें स्वयं हस्तक्षेप करते हुए, प्रशासन को आदेश दें कि सन् 2000 से अभी तक जितनी भी एनजीओ को राज्य सरकार द्वारा काम मिला है उन सभी एनजीओ की निष्पक्ष रूप से जांच हो और जो भी एनजीओ भ्रष्टाचार में लिप्त पाई जाए उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति एनजीओ के माध्यम से भ्रष्टाचार करने से पहले सौ बार सोचें।

ज्ञात हो कि आज ही उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने एक FRI दर्ज किया है जिससे यह साबित होता है कि और भी एनजीओ छत्तीसगढ़ में जो कि सरकार के साथ काम कर रही हैं बस्तर, नारायणपुर बिकापुर,जशपुर, कोरिया, क्षेत्र मे   उनमें भी कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में भ्रष्टाचार या घपलेबाजी हो सकती है। इसीलिए संजीव अग्रवाल ने शक जताते हुए कहा है कि हो सकता है कि आज भी बहुत सी एनजीओ सरकारी अधिकारियों के संरक्षण में किसी न किसी रूप में भ्रष्टाचार में लिप्त हों।  संजीव अग्रवाल ने कहा है कि उनके संज्ञान में भी ऐसे बहुत से अधिकारियों के नाम हैं  जिन्होंने अपने परिवार वालों के नाम पर एनजीओ बनाई हुई हैं और वह सरकार से काम ले रहे हैं जिसका खुलासा भी जल्द ही करने वाले हैं। यह एक बहुत बड़ा सिंडिकेट है जो कि सरकारी तंत्र के अंतर्गत ही एनजीओ के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई का वारा न्यारा कर रहे हैं। ऐसे भ्रष्टाचारियों पर हाई लेवल की जांच कराते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है।

 

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