रमन सरकार बिजली में प्रति यूनिट 51 पैसा वीसीए चार्ज लेती थी अभी 13 पैसा लिया जा रहा है : कांग्रेस

०० मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल के दामों में वृद्धि के कारण बढ़े 13 पैसे बिजली के दाम

०० बिजली बिल हाफ की तरह आधी लगेगी बढ़े हुए बिजली दाम की राशि 13 पैसे की जगह 6.50 पैसा उपभोक्ता को देना होगा

०० भाजपा राजनीतिक नौटंकी बंद करें मोदी को पत्र लिखकर पेट्रोल के मंहगाई कम करने की मांग करे

रायपुर। बिजली दर में वीसीए चार्ज के कारण हुई बढ़ोतरी के लिए कांग्रेस ने केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के पहले बजट के बाद पेट्रोलियम पदार्थो के दामों में वृद्धि को जिम्मेदार ठहराया।  प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के शासनकाल में बिजली वीसीए की दर 51 पैसा प्रति यूनिट था। वर्तमान में यह दर 13 पैसे प्रति यूनिट है, जो पूर्व सरकार के वीसीए दर से 38 पैसा प्रति यूनिट कम है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने आम जनता को बिजली बिल हाफ की जो सुविधा प्रदान की है उसका लाभ बिजली के दरों में बढ़ोतरी में भी होगा 13 पैसा प्रति यूनिट बढ़ोतरी में से केवल आम उपभोक्ताओं को 6.50 पैसे ही देने पड़ेंगे।

पूर्व की रमन सरकार के कार्यकाल में बिजली के वीसीए चार्ज 51 पैसा ़पर मौन रहने वाली भाजपा मोदी सरकार के द्वारा पेट्रोलियम पदार्थो की दामों में की गये वृद्धि के कारण बिजली के वीसी चार्ज में 13 पैसे की वृद्धि का विरोध कर भाजपा सिर्फ राजनीतिक नौटंकी कर रही है। भाजपा के नेताओं में नैतिकता बाकी हो तो बिजली दामों पर वृद्धि पर बयानबाजी करने के बजाये मोदी सरकार को पत्र लिखकर पेट्रोल, डीजल के दामों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग करनी चाहिए। बिजली दरों में वृद्धि की मुख्य वजह कोयला परिवहन की दरों में आई  तेजी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में पेट्रोलियम डीजल के दामों पर जो शेस लगाया गया जिसके कारण पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर दो रुपया की वृद्धि हुई। डीजल के दामों में वृद्धि के कारण कोयला की ढुलाई लोडिंग अनलोडिंग की दामों मे भी वृद्धि हुई है जिसका असर बिजली की दरों में  वीसी चार्ज में 13 पैसे की बढ़ोतरी  हुई है।
 

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