हिरासत में हो रही मौतों की हो उच्च स्तरीय जांच : धरमलाल कौशिक

०० कांग्रेस सरकार के 6 महीनों के कार्यकाल में 7 संदिग्ध मौतें पुलिस व आबकारी की हिरासत में हुई 

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत के दौरान हो रहे मौतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सारे मामलों की उच्च स्तरीय जांच हो साथ ही सरकार को इन मसलों की जांच के लिए गंभीरता दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा आबकारी नियंत्रण कक्ष कवर्धा में हुई युवक की संदिग्ध मौत कई सवालों को जन्म देता है। कवर्धा के चिल्फी थाना इलाके अंतर्गत युवक हरिचंद मरावी की मौत जिन परिस्थितियों में हुई है उस पर प्रशासन पर्दा लगाने में लगा हुआ है। मामला 24 जुलाई 2019 की है। 
नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के इन 06 महीनों के कार्यकाल में अब-तक 07 संदिग्ध मौतें पुलिस व आबकारी हिरासत में हुई हैं और गृह मंत्री का मौन कई प्रश्नों को जन्म देता है। बलरामपुर जिले के कृष्णा सारथी की मौत 26 जून 2019 को चंदोरा थाने में हुई थी। जिसे पुलिस आत्महत्या बताकर पर्दा डालने में लगी है। वहीं बिलासपुर जिले के मारवाही थाने में चंद्रिका प्रसाद तिवारी की 08 अप्रैल 2019 को मौत जिन परिस्थितियों में हुई है आज भी उस पर एक सवाल बना हुआ है। चंद्रिका प्रसाद तिवारी को बेरहमी से प्रताड़ना दी गई थी और जब उसकी मृत्यु हुई तो पुलिस हार्ट अटैक बताकर केवल कागजी कार्यवाही करके मामले को रफा-दफा करने में लगी हुई थी। उनकी मौत स्वभाविक नहीं है। पुलिस का पूरे मामले में असंवेदनशील व्यवहार रहा है जिसकी वजह से यह मौत हुई है। उन्होंने कहा सूरजपुर जिले के सलका अधिना ग्राम निवासी पंकज बैक की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई लेकिन पुलिस इसे भी आत्महत्या का मामला बताकर केवल अपने को बचाने में लगी हुई है। यह मामला 22 जुलाई 2019 का है। चंगोरा भाठा निवासी सुनील श्रीवास की मौत 07 मई 2019 को पाण्डुका थाने के पुलिस लाकअप में प्रताड़ना के द्वारा हुई हैं। इस मामले में भी आत्म हत्या का मामला बताकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की है। वहीं 17 मार्च 2019 को जशपुरनगर के आनंद राम को लाठी से मारकर यातायात जांच के दौरान रोकने की कोशिश की गई जिस दौरान घटना स्थल पर ही गिरने से मौत हो गई। वही 07 अप्रैल 2019 को मुंगेली उपजेल में हत्या के अपराध में सजा काट रहे संतु धृतलहरे की जिन परिस्थितियों में मौत हुई है। वह भी आज एक सवाल बना हुआ है। उसे भी आत्महत्या का मामला बनाकर जेल प्रशासन दबाने में जुट हुआ है। कटघोरा उपजेल में दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहे रमेश कुमार की 14 जुलाई 2019 को हुई मौत के मामले पर भाजपा की जांच कमेटी का गठन किया गया था। यह संदेहास्पद मौत भी कई संदेह को जन्म देती है। अब तक पार्टी ने दो मामलों की जांच दल का गठन किया है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि लगातार हो रहे हिरासत में मौत के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अभी तक किसी पर कार्रवाई नही की है और मौतों का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि पूरे मसलों पर उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाई जानी चाहिए।

 

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