विधानसभा में गूंजा निजी स्कूलों में बढ़ती फीस का मुद्दा, मंत्री के असंतुष्ट जवाब से भाजपा का हंगामा

रायपुर| छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन निजी स्कूलों में बढ़ती फीस का मुद्दा गूंजा। बेलतरा विधायक रजनीश कुमार सिंह ने सदन में बिलासपुर जिले में मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सदन में सवाल पूछा कि कितने निजी स्कूल संचालित है? कितने निजी स्कूल मान्यता प्राप्त? निजी स्कूलों में शुल्क निर्धारण के क्या नियम?

विधायक रजनीश के सवालों के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने सदन में बताया कि कुल 690 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल संचालित। बिना मान्यता के एक भी नहीं। आरटीई के तहत कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए शुल्क का प्रावधान है, उसी के तहत निर्धारण हो रहा है। 9वीं से 12वीं तक के लिए निर्धारण का कोई प्रावधान नहीं। इस पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि फीस नियामक आयोग का गठन कब तक होगा? इस पर मंत्री ने नियमों का हवाला देते हुए इसे प्रक्रियाधीन बताया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने सदन में जमकी हंगामा किया। इसी बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के आदिवासी मंत्रियों पर किए गए कटाक्ष पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा – किसी के खिलाफ भी जाति वाचक शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिये, अगर गलती से शब्द निकला है तो माफी मांगना चाहिए। इसके बाद अजय चंद्राकर के व्यंग्यात्मक तरीके से माफी मांगी। इससे असंतुष्ट सत्ता पक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया।

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