विधानसभा के शून्यकाल में विपक्ष ने उठाया सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल में अंडा दिए जाने का मुद्दा

रायपुर| छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई। विधानसभा के शून्यकाल में विपक्ष ने सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल में अंडा दिए जाने के मुद्दे को उठाया। इसके अलावा विपक्ष ने सदन में प्रदेश के आबकारी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा के मौजूद नहीं रहने को लेकर भी जमकर हंगामा किया। दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य चंद्रदेव राय ने जिला बलौदाबाजार भाटापारा में उद्योगों की स्थिति को लेकर जानकारी मांगी की। इस पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा की गैरमौजूदगी में मंत्री मोहम्मद अकबर ने जैसे ही जवाब देना शुरू किया विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष के हंगामे के चलते सदन 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत से कहा, जवाब के समय हर बार मंत्री लखमा की अनुपस्थिति हो रही। उद्योग विभाग का जवाब दूसरे मंत्री क्यों देते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि कि मंत्री कवासी लख्मा बाहर हैं और उन्होंने मंत्री मोहम्मद अकबर को अधिकृत किया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कवासी लखमा की गैरमौजूदगी पर कहा, जो उद्योग मंत्री हैं वह सक्षम हैं और हमें उनके ऊपर विश्वास है लेकिन कांग्रेस को उन पर भरोसा नहीं है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में अंडे को शामिल करने का मामला सदन में गूंजा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में मिड डे मील में अंडा दिए जाने वाले मुद्दे को उठाया। विधायक धर्मजीत ने कहा कि किसी ने कह दिया कुपोषण दूर करने अंडा आवश्यक है तो आपने लागू कर दिया। कल कोई कह देगा बीफ भी जरूरी है तो क्या बीफ शुरू करवा दोगे। विधायक धर्मजीत की इस बात का कांग्रेस के विधायकों ने जमकर विरोध किया। धर्मजीत ने कहा, मैं अंडा खाता हूं,लेकिन स्कूलों में अंडा देना गलत है।

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