भिलाई नगर निगम आयुक्त के दुर्व्यवहार से दुखी प्रशांत ने की आत्महत्या करने की कोशिश

आत्महत्या से पूर्व लिखे सुसाईट पत्र में कारणों का किया जिक्र

भिलाई। भिलाई नगर निगम आयुक्त के दुर्व्यवहार से दुखी होकर प्रशांत मिश्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की है आत्महत्या करने से पहले प्रशांत सुसाईट लेटर भी लिखा है जिसमे अपनी पूरी आपबीती इस तरह से लिखी है मुझे मरने की खुशी नही है और ना ही मैं किसी लड़ाई से डरकर आत्महत्या कर रहा हूँ मैने सोचविचार करके अपनी बुद्धि से यही समझा है कि मेरी मौत से ही मेरी पत्नी और बच्चों का भविष्य बन सकेगा मेरी मौत के बाद निगम को मेरी पत्नी को जवाब देना होगा कि उसके पति की सम्पत्ति को नगर निगम ने किस अधिकार के परिवार वालों के नाम जोड़ा है।

मैं अशोक द्विवेदी और निगम कमिश्नर दोनो के वीडियो अपलोड कर रहा हूँ ताकि लोग देख सकें कि एक ईमानदार व्यक्ति के साथ निगम अधिकारी किस तरह का रवैया रखते हैं मेरी आत्महत्या का कारण निगम आयुक्त सुदेश कुमार सुंदरानी और राजस्व अधिकारी अशोक द्विवेदी है जिनको मैने पूरे दस्तावेज बता दिया है समझा दिया की मेरी सम्पत्ति पर जोड़े गए नाम गलत है वो ये बात समझ भी गए कि सारी गलती निगम की है इसके बाद भी मुझे ही कोर्ट जाने की सलाह दे रहे है मेरी निगम की सम्पत्ति को परिवार का मामला बता रहे है जबकि मेरी यह सम्पत्ति मेरे पिता की सम्पत्ति से अलग है इन दोनो के साथ मेरा बड़ा भाई अशोक मिश्रा भी मेरी मौत का जिम्मेदार है जिसने मेरी जामुल की पैतृक संपत्ति को इकलौता वारिस बताते हुए धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर हड़प लिया जिसका मामला जामुल थाने में लगा हुआ है इन तीनो की मिलीभगत के कारण मेरी अपनी सम्पत्ति जिसका आईडी क्रमांक 3250400023 है उसे मेरे पिता की सम्पत्ति बताते हुए उसमें सभी के नाम जोड़ दिए गए है और मेरे बार बार आवेदन देने के बाद भी उन नामो को नही हटा रहे है जबकि मेरे पिता की सम्पत्ति आईडी 3250400022 है और मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है मेरी 90 साल की मां जो अशोक के साथ ही रहती है वो भी मेरी चारो बहनों के साथ जाकर मेरे खिलाफ झूठी शिकायत करने के बाद कभी आत्महत्या तो कभी आमरण अनशन की धमकी देकर मेरे खिलाफ कार्यवाही करने के लिए दबाव बनाती रहती है जबकि उसे मेरे पिता की पेंशन के लगभग 50 हजार रुपये महीना मिलते है और वो मेरे पिता के बनाये मकान में ही रहती है जिसका किराया भी वो खुद अशोक को देती है और बदनाम मुझे करती है मैं अपने भाई अशोक मिश्रा और अपनी मां बहनों की झूठी शिकायतों के अलावा भिलाई नगर निगम से न्याय न मिलने के कारण पिछले 3 साल से मानसिक शारीरिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह से टूट चुका हूं और अब आत्महत्या के अलावा कोई चारा नही बचा है मेरी सम्पत्तिकर आईडी वार्ड 23 3250400023 है जिसका सारा टैक्स मैं अपने अकेले नाम से 1999 से जमा करते आ रहा हूँ और मेरे पिता की 3250400022 है जिसका कभी भी कोई भी टैक्स मेरे पिता जमा नही किये थे मेरी मां भाई बहनों ने मेरे पिता के मौत 2008 के बाद उनके बनाये सारे पैसे और सोना चांदी हड़प लिए ये कहते हुए की तुम्हारे पास अपना मकान दुकान है फिर 2011 में मेरे पिता की बनाई सर्कुलर मार्किट वाला मकान दुकान अपने नाम कर लिये और उसी में रहने लगे फिर 2016 में जामुल वाली पैतृक संपत्ति को खुद को इकलौता वारिस बताते हुए मां भाई ने धोखाधड़ी से हड़प कर लिया जिसकी शिकायत मैंने आईजी और एसपी साहब को किया था और इसकी जांच जामुल थाना कर रहा है इसके बाद भी मेरी सम्पत्ति जो मेरे पिता के जीवनकाल से मेरे नाम पर है उसे पिता की बताते हुए अपना नाम 2017 मे अवैध रूप से जुड़वा लिया और फिर मुझे ही जेल भेजने के लिए जगह जगह मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए शिकायत कर रहे है मेरी मां की उम्र 90 साल है जिसके कारण सभी लोग भावनात्मक रूप से उनके साथ हो जाते है और इसका फायदा उठा कर मेरे खिलाफ भाई बहन एक साथ मिलकर झूठी शिकायत करके भिलाई नगर निगम की मेरी इकलौती सम्पत्ति को भी हड़पना चाहते है मेरे भाई के द्वारा अपने छोटे साले सतीश बाजपेई जो कि cisf में किसी बड़े पद पर है उसके माध्यम से मुझ पर बीएसपी में चोरी के झूठे आरोप लगा कर या किसी भी तरह से जेल भेजने की धमकी दी जाती है और इधर निगम आयुक्त भी मेरे परिवार के साथ मिलकर मेरे सारे प्रमाणित दस्तावेज देखने के बाद भी मेरी सम्पत्ति में गलत तरीके से जोड़े गए नाम को हटाने की जगह मुझे ही कोर्ट जाने की नोटिस दे रहे है निगम आयुक्त को मै बता चुका हूं कि मेरी मां का जो आवेदन है उसे खुद निगम के द्वारा झूठा बताते हुए पुलिस विभाग को जवाब भेजा जा चुका है मेरे आवेदन में कूटरचना हुई वह भी दिखाया और फिर ये भी बताया कि अधिवक्ता के अभिमत व आयुक्त के आदेश की अवहेलना करते हुए मेरी सम्पत्ति में नाम गलत जोड़े गए है इसके बाद भी उपायुक्त अशोक द्विवेदी के द्वारा वाट्सअप से मिले किसी आवेदन पर कार्यवाही करते हुए मामले को पारिवारिक बताया जा रहा है मैं पारिवारिक तनाव से अपने बीबी बच्चों को दूर रखने के लिए विट्ठालपुरम में किराए के फ्लैट में रह रहा हूँ 3 सालों की लगातार तनाव के चलते मुझे अब आर्थिक संकट भी आने लगा है और एक आशा थी कि निगम से मुझे न्याय मिलेगा लेकिन वहां भी मुझे न्याय नही मिला मैं आत्महत्या कर रहा हूँ क्योकि मुझे लगता है कि मेरी मौत से मेरे परिवार को सुकून मिलेगा और निगम को मेरी सम्पत्ति में जोड़े नाम को हटाने में आसानी होगी
अशोक द्विवेदी को कहना चाहेंगे कि सर जी कृपया हमारी मौत को ही बेस बना कर बाकी नाम हटाने का कष्ट कर दीजिएगा सालों साल की लम्बी न्याय प्रक्रिया से तो यही ठीक होगा मैं अनूप टहल्यानी से माफी चाहता हु की उसे मेरे कारण काफी तकलीफें झेलनी पड़ी है और मैं उसके पैसे भी नही लौटा पा रहा हूँ लेकिन मेरी मौत के बाद यदी मेरी सम्पत्ति मेरे नाम पर आती है तो अनूप भाई उसको तुम अपने नाम पर करवा लेना और यदि हो सके तो उसके बदले कुछ रकम मेरी पत्नी के नाम बैंक में जमा कर देना ताकि उसको महीने के ब्याज से पैसे मिलते रहे
मैं अपनी पत्नी और बच्चों से माफी मांगने के अलावा केवल इतना ही कह सकता हूँ कि किसी की भी मदद करने से कभी पीछे मत हटना जो सम्भव हो सके दूसरों की सहायता करना लेकिन हमारे परिवार वालों से दूरी बनाकर रखना क्योकि ये वो आस्तीन के सांप है जो हमारा खा कर हमें ही डस लेंगे हमारी मौत के बाद हो सकता है ये मातम लोग मनाने आएं लेकिन इनको घर में घुसने मत देना और हमारा शरीर दान करवा देना ताकि हमको मुक्ति न मिल सके और हम आत्मा रूप में सदा तुम लोगों के साथ रहे हो सकता है जहर खाने के कारण हमारा शरीर का कोई भी अंग दान देने लायक न बचे लेकिन पवन केसवानी ( प्रणाम संस्था ) भाई हो सके तो हमारे शरीर को किसी मेडिकल कालेज में दान करवा देना भले ही वहां कंकाल ही क्यों न बनाया जाए संतोष मिश्रा ( कोषाध्यक्ष, पत्रकार संघ ) भाई आपसे निवेदन है कि निगम के एक कर्मचारी कोसरे ने मुझसे पचास हजार उधारी लिया हुआ है उन पैसों को उससे लेकर पत्रकार कल्याण कोष में जमा करा दीजिएगा मैं पत्रकार मीडिया के लोगों से निवेदन करता हु की मेरी मौत के बाद मुझे इंसाफ दिलाने का प्रयास करें ताकि दूसरे किसी और को इस तरह आत्महत्या न करनी पड़े मेरी मां को तो दण्ड मिल ही रहा है जीते जी अपने एक बेटे की मौत देखने का लेकिन इसके बाद भी मुझे त्रस्त करने वाला और झूठी बातें करने वाला कुत्ते की मौत मरेगा और खुद अपने आंख के सामने अपने बच्चों को भी वैसे ही तड़पते देखेगा जैसा आज मेरे बीबी बच्चे तड़प रहे होंगे सुंदरानी जी हम एक ब्राह्मण है और आपके किये अन्याय का आपके ऊपर ब्रह्महत्या का पाप हमेशा बना रहेगा और आप अपनी बर्बादी और अपनी तिल तिल मौत पाओगे ये हमारा आपको श्राप है

प्रशांत मिश्रा

फिलहाल प्रशांत मिश्रा आत्महत्या के इरादे से जहर सेवन करने के पश्चात पदुम नगर के सन-शाइन हॉस्पिटल में जिंदगी एवं मौत से लड़ रहे हैं।