अपराधधमतरी

आदिवासी समाज के स्थापना दिवस के दूसरे दिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक आदिवासी समाज की महिला ने केरोसिन पीकर दे दी अपनी जान

मृतक के परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप कहा मुझे गरीब आदिवासी होने के चलते तोडू दस्ता ने सिर्फ मेरे ही घर तोड़ने की जिद की

के.नागे, कुंदन साहू, सी पी.सिन्हा

धमतरी। रायपुर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिलें में आज भी कई बेगुनाह आदिवासियों के ऊपर हो रहे है अत्याचार कब तक सहेंगे बेगुनाह आदिवासी अत्याचार ?
कभी भोलेभाले आदिवासियों के जमीन को हड़पकर भू- माफियाओं के द्वारा प्लांट लगाना तो कभी सौकड़ों के संख्या में घास जमीन पें कब्जा करने वालों में सिर्फ कुछ आदिवासियों के ऊपर राजनीतिक दबाव के चलते कार्यवाही करना ये अब आम बात हो गई है आज जो मामला सामने आया है वो धमतरी विकास खंड के ग्राम पंचायत छाती गांव की है जहां सरकारी घास जमीन से अतिक्रमण हटाने आये नायाब तहसीलदार पुलिस अतिक्रमण हटाने आई टीम के कार्रवाई से क्षुब्ध एक आदिवासी महिला ने केरोसीन पीकर आत्महत्या कर ली वही इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है जहां 08 जून को घास जमीन से अतिक्रमण हटाने नायाब तहसीलदार और कर्मचारी सहित तोडूदस्ता की टीम पहुंची हुई थी इसी बीच गांव के गरीब आदिवासी महिला बिटामिन बाई कंवर ने अतिक्रमण का विरोध किया लेकिन टीम ने उनकी एक नही सुनी जिसके बाद कार्रवाही से क्षुब्ध होकर महिला ने घर में रखे केरोसीन को पीकर जान देने की कोशिश की जिसे पहले कुरूद ले जाया गया बाद उनकी तबियत बिगड़ने पर उन्हे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया परिजनों का कहना है कि वे घास जमीन पर तकरीबन 10 सालों से निवास कर रह रहे है मामला कोर्ट में भी चल रहा है लेकिन हर बार उन्हे नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा था जबकि गांव में 200 से ज्यादा परिवार आबादी जमीन में अतिक्रमण कर रहे है जिन पर कोई कार्रवाही नही की गई कार्रवाही करने पहुंची टीम ने उनकी एक नही सुनी जिसका खामियाजा उनके परिवार को भुगतना पड़ा वैसे इस मामले में अब परिजनो ने नायाब तहसीलदार सहित सलिंप्त अन्य कर्मचारियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है तो वही प्रशासन न्यायालीन प्रक्रिया के तहत कार्रवाही किए जाने की बात कह रहे है इधर महिला का शव पोस्टर्माटम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया वही मृतिका बिटामिन बाई कंवर के परिजनों ने अपना आक्रोश जताने के लिए बिटामिन के लाश का अंतिम संस्कार श्मशान में न कर उस जगह पर किया जहां उनका आशियाना अतिक्रमण के नाम पर तोड़ा गया था वही अब सर्व आदिवासी समाज के लोग एकजुट होकर धमतरी कलेक्टर रजत बंसल से दोषी अधिकारियों के ऊपर जांचकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है जिस पर धमतरी कलेक्टर ने जल्द दुसरे समिति से जांचकर दोषियों के ऊपर कार्यवाही का आश्वासन दिये है अब बड़ा सवाल यह है कि जब गांव में कई लोगों का अतिक्रमण है तो फिर एक गरीब असहाय आदिवासी परिवार को ही क्यो परेशान किया जाता रहा है आखिर क्या आदिवासी समुदाय से होना गुनाह है या फिर अपने लिए घर बनाना सवाल यह है कि आखिर तोड़ू.दस्ते मे शामिल अधिकारियों पर कार्यवाही होती है या नहीं यह तो वक्त ही बतायेगा।

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