अनुशासन, ईमानदारी और समयबद्धता शासकीय सेवकों का अभिन्न अंग है : डॉ. सिंह

०० नवनियुक्त ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के तृतीय बैच का प्रशिक्षण प्रारंभ

रायपुर| उद्यानिकी विभाग के संचालक डॉ. प्रभाकर सिंह ने आज उद्यानिकी विभाग के नवनियुक्त ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों का छह दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के समेती प्रशिक्षण संस्थान में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अनुशासन, ईमानदारी और समयबद्धता शासकीय सेवकों का अभिन्न अंग हैं, इसे अपनाकर ही स्वयं एवं विभाग तथा देश का विकास मुमकिन है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का तृतीय बैच है,जिसमें विभिन्न जिलों से कुल 40 ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों को राज्य कृषि प्रबंधन विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (समेती) में उद्यानिकी तथा शासकीय सेवा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

संचालक ने कहा की उद्यानिकी उत्पाद प्रकृति में नश्वर हैं जो जल्दी खराब हो जाते हैं इस वजह से उन्हें प्रसंस्कृत कर उसका पूर्ण उपयोग किया जा सकता है। कृषकों को प्रसंस्करण के कार्य हेतु प्रोत्साहन किया जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फील्ड में रोपणियों का अक्रिडटेशन (मानक मापदण्ड प्रमाणन) नेशनल हार्डिकल्चर बोर्ड (एनएचबी) से कराना अनिवार्य है, ताकि कृषकों को उच्च गुणवत्ता के पौधे तथा बीज उपलब्ध कराया जा सके। जिससे उत्पादन और उपज की गुणवत्ता बेहतर मिल सके। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना बाड़ी विकास पर चर्चा करते हुए संचालक ने कहा कि बाड़ी विकास हेतु कृषकों को प्रोत्साहित करके उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। बाड़ी से न केवल कृषकों को ताजे फल सब्जी प्राप्त होंगे, बल्कि कई लोगों को रोजगार प्राप्त होगा साथ ही साथ उनके एवं उनके परिवार की सेहत तंदरूस्त होगी और उनके आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगी। प्रशिक्षण में फील्ड से संबंधित आधारभूत जानकारी, सब्जी एवं फल परिरक्षण की तकनीकों की सैद्धांतिक जानकारी प्रशिक्षण केंद्र द्वारा और विषय से सम्बंधित व्यवहारिक जानकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गयी। इन छः दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषय जैसे ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी की भूमिका, दायित्व एवं संधारित की जाने वाली पंजी की जानकारी, फार्म्स स्ट्रेस, जैविक खेती, बीज उत्पादन तकनीक, रोपणी का संचालन, कैनोपी मैनेजमेंट, फसल बीमा, उद्यानिकी यंत्रीकरण आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षकों को जानकारी दी जाएगी।

error: Content is protected !!