स्काई वाक तोड़ने का मुख्यमंत्री का निर्णय जनभावनाओं के अनुरूप : कांग्रेस

रायपुर। स्काई वाक तोड़ने की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्काई वाक भारतीय जनता पार्टी के बेलगाम कमीशनखोर अदूरदर्शी विकास का परिणाम है । राजधानी रायपुर के सीने पर स्काईवॉक ऐसा नासूर बन चुका है जिसका निदान बिना बड़ी शाल्य क्रिया के सम्भव नही है। रमन सरकार के भ्रष्टाचार का बड़ा स्मारक है स्काई वाक। बिना किसी उपयोगिता, बिना जनता की तकलीफों को ध्यान में रखे स्काई वाक बनाने का तुगलकी निर्णय ले लिया गया था। बताया गया था कि इसके निर्माण से जनसामान्य को पैदल चलने में आसानी होगी लेकिन इस स्काई वाक ने अम्बेडकर अस्पताल से लेकर पुराने बस स्टैंड तक की सड़क के दोनों छोर की दूरी को भी बढ़ा दिया है।

सड़क के इस पार से उस पार भी पैदल चलने वाले नही जा सकते। स्काई वाक के नीचे पांच फीट गड्ढे वाला और तीन फीट ऊंचा डिवाइडर बना दिया गया है । स्काई वाक पर चढ़ने के लिए बीस से पच्चीस फिट ऊंची सीढ़ी पर चढ़ना पड़ेगा। स्काई वाक के कारण सड़क की चौड़ाई अलग कम हो गयी। प्रदेश और शहर का हर नागरिक इससे निजात चाहता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको तोड़ने का निर्णय लेकर जन भावनाओ के अनुरूप फैसला लिया है। भाजपा को तो खुश होना चाहिए कि उसकी सरकार की गलती को मुख्यमंत्री सुधार रहे है। जब तक स्काई वाक रहेगा लोग इसके औचित्य उपयोगिता  और बनाने वालों की मूर्खता पर सवाल खड़े करते रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अदूरदर्शीपूर्वक स्काई वाक का निर्माण करवा कर जनता के पैसे की बर्बादी करने और जनता को परेशान करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह, पूर्व लोकनिर्माण मंत्री राजेश मूणत को अपनी गलती स्वीकार कर राजधानी की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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