छत्तीसगढ़ के मल्टीप्लेक्स थियेटरो में छत्तीसगढी भाषा की फिल्मे दिखाये : कांग्रेस

०० पूर्व रमन सरकार एवं भाजपा की छत्तीसगढ़ी भाषा को लेकर उदासीनता के कारण ही आज छत्तीसगढ़ में बनी फिल्में थिएटर में प्रदर्शन की मोहताज

रायपुर| छत्तीसगढ़ के सभी शहरों में संचालित मल्टीप्लेक्स थिएटरों में छत्तीसगढ़ भाषा की फिल्मों को भी दिखाये जाने की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुये छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों को थियेटरों में प्रदर्शित कराने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा हैं तो इसके पीछे 15 साल तक छत्तीसगढ़ का शोषण करने वाले पूर्व की रमन भाजपा की सरकार दोषपूर्ण नीतियां ही जिम्मेदार है पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और भाजपा की छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति उदासीनता और उसके कारण सबको पता है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ के भाषा संस्कृति, कला और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर पूर्व की रमन सरकार गंभीर नहीं रही। यही वजह है 15 साल तक छत्तीसगढ़ के फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों और छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का रमन सिंह सरकार में शोषण और अहित होता रहा है। पूर्व की रमन सरकार ने छत्तीसगढ़ में होने वाले सरकारी आयोजनों में भी छत्तीसगढ़ के बाहर के कलाकारों सलमान खान सोनू निगम करीना कपूर को करोड़ो रूपए खर्च कर बुलाया जा रहा और छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति से जुड़े छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों का तिरस्कार होता रहा। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की करीना कपूर के साथ सेल्फी लेते रहे और छत्तीसगढ़ के कलाकार सरकारी आयोजनों में प्रस्तुती देने के बाद भुगतान के लिये बरसों जुझते रहे और आर्थिक तंगी के चलते उन्हें अपने वाद्य यंत्रों को भी गिरवी रखना पड़ा था। 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली सरकार छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति और छत्तीसगढ़ कलाकारों की उज्जवल भविष्य बनाने उनके खोए हुए सम्मान को  लौटाने काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति, लोककला और भाषा के तगड़े हिमायती है। छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के लिये भूपेश बघेल ने जो लड़ाई लड़ी और त्याग किया, उसे नकारने की राजनैतिक कोशिशों का अर्थ सब समझते है।ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा में फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर हो रहे आंदोलन में शामिल फिल्म निर्माताओं के एक वर्ग को यह भी बताना चाहिये कि 15 साल तक भाजपा की सत्ता के दौरान इन फिल्म निर्माताओं ने कभी भी छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों के हित को लेकर किसी भी प्रकार का आंदोलन प्रदर्शन तो दूर किसी भी तरह की पहल तक रमन सरकार और कलाकारों के बीच समन्वय बनाने की कोशिश क्यों नहीं की हैं? सरकारी आयोजनों के दौरान जो लोग बाहरी कलाकारों को छत्तीसगढ़ के आयोजन में लाने के लिए मोटी कमीशनखोरी करते रहे उन चेहरों को छत्तीसगढ़ की जनता और लोक कलाकार भलीभांति जानते है। आज जो छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के हितैषी बन रहे हैं, पूर्व में रमन सरकार में लोक कलाकारों का जब लगातार अहित हो रहा था तब क्यों खामोश थे? भाजपा सरकार की चाटुकारिता में 15 साल निकाल दिए।

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