सोनतराई में आदर्श गौठान ले रहा तेजी से आकार

०० मवेशियों के लिए चारा, पानी, विश्राम एवं इलाज का पुख्ता प्रबंध

रायपुर/अम्बिकापुर| राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी काक्रियान्वयन जिला प्रशासन द्वारा तेजी से किया जा रहा है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर जनपद पंचायत सीतापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई में आदर्श गौठान अब आकार लेने लगा है। सोनतराई में आदर्श गौठान का निर्माण पॉच एकड़ में 14 लाख 89 हजार रूपये की लागत से  किया जा रहा है। आदर्श गौठान में 301 गौवंषीय एवं भैंसवंशीय पशुओं के लिए चारा, पानी, विश्राम एवं ईलाज का पुख्ता प्रबंध के साथ ही पशुओं के नस्ल सुधार एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था की जा रही है। चारा-पानी एवं विश्राम की व्यवस्था होने से मवेशी आकर्षित हो रहें हैं और गौठान में जमावड़ा लगने लगा है।
जनपद पंचायत सीतापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय गुप्ता ने बताया कि आदर्श गौठान सोनतराई में पशुओं के विश्राम के लिए पशुशेड, पानी पीने के लिए पक्के कोटना, स्टोर रूम, बीमार पशुओं हेतु शेड, गाय पालन नाद, कंटूर ट्रेंच, कच्चा कम्पोस्ट पिट, गाय चबुतरा शेड, अजोला टैंक का निर्माण किया जा चुका है। गौठान के संचालन के लिए गौठान प्रबंधन समिति गठित की गई है। समिति में 2 स्व-सहायता समूह के करीब 12 महिलाओं को जोड़़ा गया है। उन्होंने बताया कि गौठान में पानी की व्यवस्था के लिए सोलर पम्प स्थापित की गई है, गौठान में करंज, मेंहदी, नीम आदि के करीब 250 पौधों को रोपने के लिए गढ्ढे तैयार कर लिये गयें हैं इसके साथ ही गौठान क चारों ओर सीपीटी(काउ प्रोटेक्शन ट्रेंच) का निर्माण भी कर लिया गया है। पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए गौठान के पास ही करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन को चारागाह के रूप में तैयार किया जा रहा है। चारागाह में नेपियर लगाने के लिए समतलीकरण की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।  गौठान में चारे की व्यवस्था के लिए पशु स्वामियों द्वारा स्व-स्फूर्त अपने घरों से पैरा ला रहें है। इन पैरों को व्यवस्थित रखने के लिए मचान तैयार किया गया है। गौठान में उन्नत घुरवा का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें गौठान से निकलने वाले गोबर का संग्रहण किया जाएगा। गौठान से संग्रहित गौमूत्र एवं गोबर से विभिन्न उपयोगी सामग्री स्व-सहायता समूहों के द्वारा तैयार की जाएगी। वहीं बड़े पैमाने पर मशरूम उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा। इन उत्पादों की बिक्री से स्व-सहायता समूह को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी :- इस गौठान के  बनने से गांव में पशुओं के आवारा घुमने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगी जिससे सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। इसके साथ ही खेती किसानी के दिनों में अभिभावकों द्वारा स्कूल जाने वाले बच्चों को मवेशी चराने के लिए भेज देते हैं जिससे स्कूल में उनकी उपस्थिति बहुत कमजोर होती है। गौठान बन जाने से ग्रामीणों को अपने मवेशियों को चराने की चिंता से मुक्ति मिलेगी, वहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में भी वृद्धि होगी। स्कूली बच्चे भी अब शासन के मंशानुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए गौठान को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। इन गांवों में बनाये जा रहे आदर्श गौठान-सरगुजा जिले में नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत कुल 8 आदर्श गौठान का निर्माण किया जा रहा है। इनमें अम्बिकापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सराईटिकरा के ग्राम नवाबांध, ग्राम पंचायत सरगवां, बतौली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरमना, लखनपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जयपुर, लुण्ड्रा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरकेला, मैनपाट जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उड़ुमकेला, उदयपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगवां तथा सीतापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई शामिल है।

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