ऋण माफी योजना ने दी किसानों को नई ताकत, दबी हुई मुराद पूरी करने में लगे हैं किसान

०० कोई बना रहा पक्का मकान तो कोई खरीदा वाहन

रायपुर| किसानों का अल्पकालीन कृषि ऋण राज्य सरकार द्वारा चुका दिये जाने के बाद बचे पैसों ने किसानों को नई ताकत दी है। इन बचे पैसों का उपयोग वे अपने बरसों की दबी मुराद पूरी करने में लगे हैं। लाहौद के किसान तकदीर साहू की तो ऋण माफी योजना से तकदीर ही बदल गई। बंदरों की छेड़खानी से परेशान होकर वे अपने मिट्टी के कच्चे घर को पक्के बनाने में जुट गए हैं। उन्होंने इसके लिए ईंट खरीद डाले हैं। दो एकड़ भूमि के छोटे से किसान को इस योजना से लगभग 42 हजार रूपये का फायदा हुआ है। इसमें राज्य सरकार द्वारा खरीद मूल्य ढाई हजार रूपये प्रति क्विंटल किये जाने के फलस्वरूप मिलने वाला साढ़े 13 हजार रूपये की अंतर की राशि भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार जिले में राज्य सरकार की ऋण माफी योजना के अंतर्गत केवल सहकारी बैंक से ही 94 हजार 680 किसानों को फायदा मिला है। उनकी लगभग 343 करोड़ 16 लाख रूपये की ऋण माफी हुई है।

लाहौद के किसान श्री तकदीर साहू ने बताया कि ऋण माफी योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है। इतनी बड़ी रकम एक साथ उन्होंने अपनी 49 साल की जिंदगी में कभी नहीं देखे हैं। उन्होंने बताया कि लाहौद में उनका दो एकड़ कृषि भूमि है। धनहा खेत हैं। पिछले साल उन्होंने सरना प्रजाति का धान बोया था। लाहौद सहकारी सोसायटी से उन्होंने बाकायदा 31 हजार रूपये का ऋण उठाया था। इनमें 22 हजार रूपये नगद और बाकी 9 हजार रूपये का खाद, बीज एवं दवाई लिया था। फसल की कटाई एवं मिझाई के बाद उन्होंने 30 क्विंटल धान साढ़े 61 हजार रूपये में सोसायटी में बेचे थे। ऋण चुकाने के उपरांत बाकी रकम उन्हें वापस की गई थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार बनने के बाद चुकाये गये ऋण राशि 31 हजार मेरे खाते में जमा हो गई। यही नहीं बल्कि अंतर की राशि के रूप मेें साढ़े 13 हजार की रकम भी खाते में आई। इस साल भी उन्हेंाने 9 हजार 223 रूपये के खाद और 4 कट्टा बीज उठा लिए हैं। सरना धान इस बरस भी बाने का ईरादा है। इसके साथ ही लगभग 22 हजार रूपये का लोन सहकारी समिति द्वारा स्वीकृत हो गया है। तकदीर ने कहा कि इसके पहले ऋण चुका दिये जाने के उपरांत उनके पास इच्छा पूरी करने को कुछ नहीं बचता था।  इसी प्रकार जिले के अछोली ग्राम के कुशाल दास जलहरे ऋण माफी योजना के अंतर्गत बचे एक लाख 25 हजार रूपये की रकम घर बनाने में लगाये हैं। गातापार के लोकनाथ साहू  ने एक लाख रूपये की ऋण माफी के बचत से अपनी बेटी लेखा के हाथ पीले कराये और बोर खनन भी कराए। गातापार के आदिवासी किसान श्री राम धु्रव ने 35 हजार में गाड़ी खरीदे हैं। ऋण माफी हो जाने से उनके पैसे की बचत हुई जिससे उनके स्वयं के गाड़ी होने का सपना साकार हो पाया। राज्य सरकार ने ऋण माफी योजना लाकर किसानों में खेती के प्रति नई लगन पैदा की है। किसान अब ज्यादा उत्साह के साथ खेती-किसानी के काम में जुट गए हैं। इसकी बानगी सहकारी सोसायटिओं में चहल-पहल के रूप में देखने को मिल रही है।

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