आदिवासी क्षेत्रो की पारेषण प्रणाली को उन्नत बनाने कारगर पहल : शुक्ला

रायपुर। प्रदेश के सुदूर ग्रामीण एवं आदिवासी बाहुल्य वन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हेतु पारेषण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने का कार्य पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश के 400 के.व्ही. उपकेन्द्र जगदलपुर का विस्तार कार्य जारी है जिससे संबद्ध 220/132/33 के.व्ही. के उपकेन्द्र भी शीघ्र उर्जित होंगे। ऐसे क्षेत्रों में पारेषण प्रणाली को उन्नत बनाने के लिए किये जा रहे कार्यों का जायजा लेने पॉवर कम्पनीज के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला ने बस्तर क्षेत्र का दौरा किया। दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर, कोण्डागांव, बारसूर में निर्मित एवं नवनिर्माणाधीन अतिउच्चदाब उपकेन्द्रों का उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रांसमिशन कंपनी की एमडी तृप्ति सिन्हा, जगदलपुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता हर्ष गौतम, अधीक्षण अभियंता संदीप गुप्ता सहित पारेषण कंपनी के अन्य उच्चाधिकारी मौजूद थे।
पॉवर कम्पनीज अध्यक्ष शुक्ला ने कोण्डागांव के अतिउच्चदाब उपकेन्द्र में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त 40 एमव्हीए के ट्रांसफार्मर की स्थापना सहित 220 केव्ही उपकेन्द्र जगदलपुर के निर्माण कार्य में गति लाने निर्देशित किया एवं 400 के.व्ही. उपकेन्द्र जगदलपुर, 220 केव्ही उपकेन्द्र बारसूर का निरीक्षण किया। उन्होंने उपकेन्द्रों के निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों एवं अन्य एजेंसियों को समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। जगदलपुर 400 केव्ही उपकेन्द्र प्रदेश का सबसे बड़ा तीसरा उपकेन्द्र है, इस उपकेन्द्र में  220/ 132/ 33  के.व्ही. क्षमता के उपकेन्द्र भी सम्बद्ध रहेंगे। इनके ऊर्जीकरण से बस्तर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था एवं पारेषण प्रणाली सुदृढ़ होगी। बस्तर क्षेत्र में बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जगदलपुर जिले की विद्युत आपूर्ति 220 केव्ही उपकेन्द्र बारसूर से होती है। इस हेतु एक और स्रोत बढ़ाने के लिये बारसूर-जगदलपुर के मध्य एक अतिरिक्त 220 के.व्ही. अतिउच्चदाब लाईन निर्माणाधीन है। यह नई लाईन 400 के.व्ही. जगदलपुर उपकेन्द्र से ऊर्जित की जायेगी, जिससे बस्तर अंचल को बिजली आपूर्ति के लिए भिलाई, गुरूर उपकेन्द्रों के अतिरिक्त स्त्रोत उपलब्ध होगा।

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