ईवीएम् की संदिग्धता का निराकरण आवश्यक : इकबाल अहमद रिजवी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ईवीएम जैसी संदेहास्पद प्रणाली बाबत् सुझाव प्रेषित कर कहा है कि देश के राजनीति विशेषज्ञो के साथ-साथ आम नागरिक भी चुनाव दर चुनाव ईवीएम का दुरुपयोग किये जाने के संदर्भ में गहन संदेह व्यक्त करते आ रहे है। इससे स्पष्ट है कि ईवीएम प्रणाली के भारी दुरुपयोग के विषय में उक्त मशीन में गुंजाईश है जिससे चुनावी नतीजे संदेहास्पद लगने लगे है। शंकास्पद ईवीएम प्रणाली बाबत् गहन मंथन आवश्यक प्रतीत होने लगा है। ऐसे में सहज ही ये प्रश्न उभरता है कि स्वयं जापान और अन्य पश्चिमी देश जो कि ईवीएम के उपयोग को पूर्णतः बंद कर मतदान हेतु पुनः पुरातन और असंदिग्ध बैलेट पेपर प्रणाली का उपयोग करने लग गये है तो फिर हम ही क्यो इस शंकास्पद मतदान प्रणाली से चिपके हुए है ?

रिजवी ने कहा है कि उपरोक्त घनीभूत संदेहो के दायरे में यह पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है कि चुनाव आयोग को सक्षम अधिकारियो सहित एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को उपरोक्त उल्लेखित देशो में भेजकर कम से कम यह तो पता कर देश को बताना चाहिए कि अंतः क्यो उन देशो ने चुनावो में ईवीएम का उपयोग पूर्णतः बंद कर दिया है जो कि स्वयं इस ईवीएम के अविष्कर्ता थे ? ईवीएम प्रणाली संदेहो से घिरी होने के कारण चुनाव पश्चात् चुनाव देश के निष्पक्ष नागरिको एवं चुनावी महारथियो के मध्य व्यापक विवाद का विषय बना हुआ है जो स्वस्थ लोकतात्रिक व्यवस्था के विपरीत है। अतः भारत निर्वाचन आयोग से अपेक्षा है कि जनमत की प्रबल आवश्यकता-आकांक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाये एवं परंपरागत बैलेट पेपर प्रणाली को पूर्ववत् स्थापित कर देश की गौरवशाली स्वस्थ निर्वाचन प्रणाली बहाल की जाये।

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