ममता बनर्जी की सख्ती नकल कर रहे बघेल : भाजपा

०० मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भाजपा का पलटवार 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह पर की गई टिप्पणी के जवाब में भाजपा ने कटाक्ष करते हुए कहा है की भूपेश बघेल जी हमारे डॉक्टर साहब की चिंता आप छोड़ दें अपनी चिंता करें कि कहीं लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आपका ही खेल न बिगड़ जाए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं और यहां वहां की उल्टी-सीधी बातें करते हुए अपने मन को तसल्ली दे रहे हैं कि अब छत्तीसगढ़ में उनका एकछत्र राज कायम रहेगा। जबकि हकीकत यह है कि भीतर ही भीतर वे भयभीत हैं कि लोकसभा चुनाव में भद्द पिट जाने के बाद कांग्रेस के भीतर जो भूचाल आने वाला है, उसमें उनकी नाव डूब सकती है।

उपासने ने कहा कि भूपेश बघेल और कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की जनता ने विदूषक की भूमिका निभाने के लिए जनादेश नहीं दिया है। उन्हें छत्तीसगढ़ के विकास को आगे ले जाने की जिम्मेदारी जनता ने सौंपी है। उनका यह जिम्मा भी है कि प्रदेश की जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम करें। किंतु वे राजनीतिक चूहलबाजी में वक्त जाया कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को न जाने कैसे यह दंभ हो गया है कि अब छत्तीसगढ़ में वह जैसे चाहे वैसे निरंकुश शासन चला सकते हैं। भाजपा उन्हें यह चेतावनी देना चाहती है कि खुद को छत्तीसगढ़ की ममता बनर्जी बनने से रोकें। अन्यथा यह उनके लिए राजनीतिक नुकसान का सबब बनेगा।  भाजपा प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भूपेश बघेल को इसलिए राज्य की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है कि वह अपना कामकाज छोड़कर विपक्ष के नेताओं पर बिना वजह टिप्पणी करते घूमें। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उसका सक्रियता से निर्वाह कर रहे हैं। भूपेश बघेल में अगर इतना ही माद्दा होता तो उनकी पार्टी दिल्ली में उनकी सेवाएं लेती। भूपेश बघेल अमेठी में अपना चेहरा दिखा कर नंबर बढ़वाने की कोशिश करने में जुटे रहे और इधर छत्तीसगढ़ की सारी व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई। भूपेश बघेल के संरक्षण में छत्तीसगढ़ में घनघोर अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। थानों में लोगों की लगातार मौत हो रही है। अव्यवस्था के विरोध में आवाज उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा है।  भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह ममता बनर्जी ने उत्पीड़न की राजनीति की है, कुछ ऐसे ही हालात छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल बना रहे हैं जिससे इस शांत प्रदेश की गरिमा पर आघात लग रहा है। स्वयं निम्न स्तर की टिप्पणियां करने वाले बघेल जी अपनी प्रचार मंडली के जरिए विरोधी दल के नेताओं के खिलाफ रपट दर्ज कराते हैं और फिजूल की लफ्फाजी करते हैं। भोले-भाले किसानों, आदिवासियों और बेरोजगारों को झांसा देकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस ने 4 माह में यह एहसास करा दिया है कि इनका इरादा झूठ बोलकर किसी तरह सत्ता हथिया लेना ही था और अब उनकी असलियत सामने आ गई है। रही बात डॉ. रमन सिंह पर निम्न स्तर की टिप्पणी करने की तो यहां हम यह कहने के लिए मजबूर हैं कि कांग्रेस और भाजपा के चाल चरित्र और चेहरे में जमीन आसमान का फर्क है। हमारे यहां एक परिवार की गुलामी नहीं होती और अध्यक्ष को घसीट कर कुर्सी से बेदखल कर किसी महारानी को ताज नहीं पहनाया जाता। भूपेश बघेल अच्छी तरह जान लें कि जब सीताराम केसरी जैसे नेता को अपमानित कर कुर्सी से उतारा जा सकता है तो उनकी कांग्रेस उनके साथ भी यही बर्ताव कर सकती है।

 

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