मुफ्त के पौधे का बोगस बिल  लगाकर  शासन तथा मोनेट प्रबन्धन के साथ एचआर डिपार्टमेंट ने की धोखाबाजी

संग्राम सिंह राजपूत

रायपुर। हरियर छत्तीसगढ़ योजना के तहत पूरे प्रदेश में प्रतिवर्ष अनुसार करोड़ो पौधे का  वृहद पैमाने में वृक्षारोपण करने की योजना राज्य सरकार की प्राथमिकता होती है। जिसके लिए राज्य सरकार हरियर छत्तीसगढ़ योजना के तहत फ्री में पौधे उपलब्ध कराते हैं। ताकि हमारा प्रदेश का पर्यावरण संतुलन ठीक रहे । वही कड़ी में वर्ष 2018 में शासन प्रशासन ने प्रदेश के उधमियों को पौधे रोपण का लक्ष्य दिए।इसी कड़ी में मोनेट सयंत्र प्रबंधन मंदिर हसौद को गत वर्ष 5000 पौधे रोपण का लक्ष्य प्राप्त हुए।जिसके लिए  मोनेट प्रबंधन पुरी निष्ठा पूर्वक  राशि भी स्वीकृत हुए।किन्तु एच आर डिपार्टमेंट पौधे रोपण जैसे पुन्य कार्य मे भी अपनी कंपनी की गरिमा का ख्याल ना करते हुए । कंपनी को धोखा देकर हरियर छत्तीसगढ़ योजना के तहत उप सरपंच कुरूद तो मोनेट सयंत्र में एच आर डिपार्टमेंट  में वाहन चालक है ,संभवतः गुमराह करके उनके लेटरपैड का उपयोग कर  बाकायदा अंग्रेजी भाषा मे  डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर  उद्यानिकी विभाग से फ्री में 5000 पौधे लेकर कंपनी से फ्री के पौधे का  फर्जी बिल लगाकर कंपनी से राशी पास कराकर हड़प लिए है।

उक्त सम्बन्ध में जब कुरूद सरपंच उषा सिन्हा से जानकारी लिए जाने पर वर्ष 2018 में  ग्राम पंचायत ने उद्यानिकी विभाग से 200 पौधा लाये थे । जिसका पौधा रोपण ग्राम पंचायत द्वारा किया गया है।बाकी जो आप 5000 पौधे  हार्टिकल्चर विभाग से लाये गए है।ग्राम पंचायत के जानकारी में नही है।मोनेट प्रबन्धन उक्त वर्ष में  हमारे ग्राम पंचायत क्षेत्र में पौधे रोपण नही किये है।जिससे मामले का खुलासा हुवा। उद्यानिकी विभाग से जानकारी लिए जाने पर प्रमोद सिंग नामक व्यक्ति द्वारा 5500 पौधे फ्री में ले गये है। की जानकारी प्राप्त हुवा जिसकी पावती में साईंन लेकर पौधे देने की बात कही गई। इस प्रकार कंपनी तथा प्रशासन को उनके ही जिम्मेदार आला अधिकारी तथा कर्मचारी जिसमे प्रमोद सिंग के नाम कंपनी से पौधे के लिए राशी आहरण हुए ,जिसमे कंपनी के जनरल मैनेजर प्रदीप कुमार सिंह सहित मिलीभगत के बगैर   फ्री के पौधों का कंपनी से राशी हजम किया गया है ।जो आपसी मिलीभगत के बगैर संभव नही है? उक्त पौधे का वृक्षारोपण मोनेट सयंत्र द्वारा  ग्राम पंचायत तुलसी में किये जाने को लेकर जानकारी मिली है।बहरहाल कंपनी प्रबन्धन ने शासन के निर्देशों का पालन पूरी ईमानदारी पूर्वक किये बकायदा वृक्षारोपण के लिए राशि भी स्वीकृत किये किन्तु उनके ही  दागदार कर्मचारी अधिकारी द्वारा अपने प्रबन्धन के साथ विस्वाश घात कर छल किया जाना काफी दुखद है। आशा है कि मामले का जानकारी होने पर प्रबंधन  दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करेगे।क्योकी प्रबन्धन सहित शासन को धोखा दिए है। उद्यानिकी अधीक्षक श्री सरकार को इस मामले को लेकर चर्चा किया गया उन्होंने इसकी जांच के निर्देश उपसंचालक से प्राप्त हुए ।जांच कर वस्तुस्थिति में जो भी तथ्य आएंगे रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन को अवगत कराने का भरोसा दिलाया है। जिसको लेकर परमानंद जांगडे पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने  फ्री में पौधे जिस स्थान के लिए गए  वहाँ पौधे रोपण नही किये गए है। इस प्रकार कई नेक कार्य हेतु प्रबन्धन बकायदा प्रभावित क्षेत्र के लिए योजना बनाकर राशी आबंटित किये जाते है किंतु डिपार्टमेंट के कुछ भृष्ट कर्मी के कारण क्षेत्र को लाभ नही मिलपाती है। इस फर्जीवाड़े को  लेकर कंपनी प्रबन्धन सहित शासन को धोखाधड़ी फर्जीवाडा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग हेतु कंपनी के एम डी एवं सी ई ओ सहित कलेक्टर रायपुर डॉ उपसंचालक हार्टीकल्चर को पत्र लिखकर कार्यवाही करने का मांग किया है।

 

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