नगर पंचायत कर्मी व पुत्र ने किया पत्रकार पर जानलेवा हमला

०० कोटा पंचायत कर्मियों द्वारा  भाजपा के पक्ष में  प्रचार प्रसार करते    भाजपा के मतदाता पर्ची बांटने चुनाव आयोग से हुई थी शिकायत

०० क्या नई सरकार आने के बाद भी पत्रकारों पर हो रहे हमले थम पाएंगे?

संजय बंजारे  

करगी रोड कोटा। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचार सामग्री को लेकर कोटा नगर पंचायत में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा चुनाव सामग्रियों को लेकर वितरित करते हुए एक पत्रकार द्वारा विरोध किया गया उसी की शिकायत  निर्वाचन आयोग अधिकारी को किया गया जिसमे की कर्मचारी ने शक के दायरे में पत्रकार के ऊपर हमला कर दिया। इस रंजिश को कोटा नगर पंचायत कर्मी व उसके पुत्र द्वारा पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कि उनको चोटे आई है।

पत्रकार रितेश गुप्ता द्वारा  मतदान के 1 सप्ताह पहले  कोटा नगर पंचायत कर्मियों द्वारा  भाजपा के पक्ष में  प्रचार प्रसार करते  व  भाजपा के मतदाता पर्ची बांटने की शिकायत चुनाव आयोग से की गई उसी का बदला लेने के लिए नगर पंचायत में पदस्थ कर्मी व उनके पुत्र द्वारा लाठी व टंगिये से हमला कर दिया। जो कि आनन फानन में पत्रकार रितेश वहां से जान बचा कर वहां से भाग है। अगर शायद वहां से नही भागता तो नगर पंचायत कर्मी संतोष मिश्रा व उनके पुत्र संदीप मिश्रा दोनों मिलकर जान से ही मार देते। बताया जा रहा है कि उनके साथ एक और भी साथी है जिनका नाम अरुण मानिकपूरी है वह भी नगर पंचायत कोटा में लाइन में के रूप में पदस्थ है। इतने जिमेदार कर्मचारियों का ये हाल है तो आने वाले समय मे आम लोगो की तो बात ही छोड़ो क्या यही रवय्या रहेगी नई सरकार आने के बाद अब देखना होगा कि क्या इनके ऊपर कार्यवाही होगी।

23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव कोटा का मतदान  संपन्न हुआ है  मतदान के कुछ दिन पूर्व  जागरूक मीडिया के किसी साथी ने नगर पंचायत कर्मी संतोष मिश्रा  सहायक ग्रेड 03 एवम अरुण मानिकपुरी लाइनमैन को भाजपा की मतदान पर्ची बाटते हुए देख लिया तथा इसकी सूचना निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को फोटो सहित दी गई थी,जिसके कारण  इन दोनों कर्मियों को  जवाब तलब हेतु पेश होकर अपनी  सफाई पेश कर  निर्वाचन आयोग के सामने  मामले को रफा-दफा कर  अपने  कार्य में लीन हो गए। कोटा थाना प्रभारी सलीम तिगा को फोन से तत्काल सूचित किया गया और अपने ऊपर होने वाली जानकारी तुरंत दी| कोटा थाने आकर हमलावरों के नाम से मामला दर्ज कोटा के पत्रकारों के द्वारा करवाया गया। थाने में मामले को रफा-दफा करने हेतु नगर पंचायत अध्यक्ष सहित  कुछ कर्मचारी भी पत्रकार के ऊपर  मामले को वापस लेने हेतु दबाव बनाने लगे  लेकिन पत्रकार द्वारा  बार-बार हो रहे  हमले को ध्यान में रखकर  कानून से  न्याय की उम्मीद  लगाई है और एफआईआर दर्ज करवाया गया है। उपरोक्त कर्मी संतोष मिश्रा के द्वारा पूर्व में भी अपने पद का फायदा उठाकर, बंधवा तालाब की जमीन को बेजा कब्जा कर भवन निर्माण भी कराया जा चुका है जिसकी शिकायत  वार्ड नं 11 की महिलाओं द्वारा तहसील व नगर पंचायत में किया गया है,लेकिन नगर पंचायत कर्मी द्वारा अपने संबंधों का फायदा उठाकर बेजा कब्जा में आज भी काबिज है। जिस प्रकार से अवैध कार्य को लेकर  नगर पंचायत कर्मियों  के हौसले बुलंद हैं,उसको देखकर ऐसा लगता है  कि आने वाले समय में  अगर आपको नगर में रहना है तो नगर पंचायत कर्मियों की  हुजूरी करनी ही पड़ेगी ।सूत्रों के अनुशार कुछ शिकायतें प्रधानमंत्री आवास के बारे में भी प्राप्त हुई है,जिसमें की  नगर पंचायत कर्मियों द्वारा अपने रिस्तेदार के नाम पर प्रधानमंत्री आवास का फर्जी आवंटन करा कर आवास निर्माण कराया जा रहा है,लेकिन मुख्य नगर पंचायत अधिकारी व अध्यक्ष को जानकारी होने के बावजूद इनके द्वारा कोई प्रकार की कार्यवाही नही की जाती है।

 

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