पति पत्नी व दो मासूमों की नृशंस हत्याकाण्ड से पुलिस ने उठाया पर्दा, तीन आरोपी गिरफ्तार

०० मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट से सामने आया खूंखार वारदात की पूरी कहानी

०० हवस की आग बुझाने नर्स के घर घुसे थे आरोपी, फिर दिया जन्घन्य हत्याकांड को अंजाम  

रायपुर/महासमुंद| जिले की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात किशनपुरी हत्याकांड में एक साल बाद पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि पुलिस ने 48 घंटे में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, कुल्हाडी सहित चोरी की सामग्री जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि 31 मई की रात पिथौरा के किशनपुर उप स्वास्थ्य क्रेंद की एएनएम योगमाया साहू, पति चेतन साहू और उनके दो बेटे तनमय व कुणाल साहू की हत्या की हुई थी हालांकि शुरुआती वक्त में वारदात की जो वजह सामने आयी थी, उससे बिल्कुल ही उलट इस घटना की असल वजह रही। शुरुआती जांच के बाद महासमुंद पुलिस ने पड़ोसी धर्मेंद्र बरीहा को हिरासत में लिया था, जो नर्स योगमाया साहू का पड़ोसी है। धर्मेंद्र ने इस बात को कबूल कर लिया था कि वो चोरी की नीयत से योगमाया के घर में दाखिल हुआ था, और फिर चोरी की वारदता को अंजाम देकर वो भाग गया। लेकिन मर्डर की उसने कोई वजह नहीं बतायी। पुलिस ने कुछ चोरी गये समान को बरामद भी किया, वारदात के तरीके और निर्ममता वारदात के कुछ और वजह की तरफ इशारा कर रही थी। लिहाजा आईजी के निर्देश बनी एसआईटी ने इस मामले की बारीकी से जांच शुरु की। मुख्य आरोपी धर्मेंद्र का नार्को टेस्ट कराया गया, तो पूरी तस्वीर बेहद खूंखार वारदात के साथ साफ होती चली गयी। धर्मेंद्र बारिहा ने फुल सिंग, अखंडल प्रधान और सुरेश खुंटे का नाम लिया। हालांकि सुरेश खुंटे जेल में था, ऐसे में फुल सिंह और अखंडल से पूछताछ की गयी, तो वारदात का खूनी राज सबके सामने आये। आरोपियों के मुताबिक गौरीशंकर केवट, फुलसिंग, अखंडल प्रधान, धर्मेंद्र बरिहा और सुरेश खुंटे वारदात वाली रात नर्स योगमाया साहू के घर के बगल में जुटे। जहां सभी ने जमकर शराब पी और फिर नाइट्रोटेन की गोली भी खाली। नशा परवान चढ़ा तो सभी अपनी-अपनी गर्लफ्रैंड के बारे में बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान फुलसिंग यादव ने बताया कि नर्स योगमाया के साथ उसका अफेयर है। जब सभी इस बात का मजाक उड़ाया तो फुलसिंग ने अपने मोबाइल में रखे एक सेल्फी को दिखाया, जिसमें वो योगमाया साहू के साथ था। इस दौरान सुरेश खुंटे जो सरपंच था, उसनें फुलसिंग से योगमाया के साथ संबंध जुड़वाने को कहा। जिसके बाद सभी योगमाया के घर दीवार फांदकर दाखिल हो गये। इसी दौरान पति चेतन साहू की नींद खुल गयी। चेतन ने आसपास के लोगों को घर के अंदर दाखिल देख, आने की वजह पूछी। इसी दौरान उनकी आपस में तू-तू-मैं-मैं होने लगी। गुस्से में चेतन ने फुलसिंग को एक थप्पड़ मार दिया, तभी फुलसिंग ने चेतन पर फावड़े से धुंआधार वार कर दिया, जिससे उसकी वहीं मौत हो गयी।  सुरेश और अखंडल योगमाया के कमरे में घुसे और योगमाया को बाहर निकाला। योगमाया को धर्मेंद्र ने फावड़े से मार दिया। इधर योगमाया साहू के बेटे ने मां-बाप से इस हाल में देखा, उसने धर्मेंद्र बरीहा को गुस्से में दांत से काट लिया, जिसके बाद उसके बड़े बेटे और बाद में बिस्तर में सोये उनके छोटे बेटे को भी आरोपियों ने फावड़े से मार दिया। बाद में घर में रखे जेवरात, सोना-चांदी और अन्य कीमती समान लेकर सभी फरार हो गये।

 

 

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