दुर्लभ रेटिना सर्जरी अब श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल मे

रेटिना सर्जरी के लिए राजधानी से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है

रायपुर। मधुमेह (डायबिटीस) के रोगियों में रेटिना सम्बंधित समस्या अधिक होती है आपकी आंख के पीछे रेटिना फोकस सतह है आपके रेटिना को कई नुकसान जैसे कि रेटिना का अलगाव अचानक अंधेपन का एक संभावित कारण है इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियों में आंख के भीतर विट्रस ‘जेल’ में रक्त का रिसाव हो सकता है यह आँख के भीतर vitreous में होने वाले अत्यधिक रक्तस्त्राव के रूप में जाना जाता है यदि ऐसा होता है तो यह उस प्रकाश को अवरुद्ध कर सकता है जो आंख में प्रवेश करता है जिससे अचानक धुंधली दृष्टि या आपकी दृष्टि के भीतर धब्बे दिखाई देना आदि समस्यायें उत्त्पन्न हो सकती हैं इसलिए जब भी आप किसी भी तरह के बदलाव को देखते हैं तो नेत्र सलाहकार से जल्द से जल्द संपर्क करें डॉ. चारुदत्त कलमकर ने श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य में की गई दुर्लभ सफल रेटिना सर्जरी के बारे में बताते हुए मीडियाकर्मीयों को संबोधित किया।

राजधानी मे स्थापित नेत्र चिकित्सालय श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल ने एक बार फिर दुर्लभ रेटिना नेत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थर बन सफलता के पद चिन्हों पर आगे बढ़ते हुए अन्य लोगों के लिए नए मानदंडों का निर्माण किया है जिसके लिए अब तक राज्य के रोगियों को विभिन्न राज्यों एवं देशों के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करनी पड़ती थी यहाँ देश भर के सर्वश्रेष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों की मदद से एक छत के नीचे 24X7 उपलब्ध रहते हुए सभी गुणवत्ता पूर्ण नेत्र समाधान प्रदान करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप कार्य कर रहें हैं डॉ. जयेश पाटिल जो कि एक वरिष्ठ रेटिना विशेषज्ञ हैं तथा प्रसिद्ध शंकर नेत्रालय चेन्नई से प्रशिक्षित एवं अनुभवी है वह जटिल रेटिना रोगों के इलाज के लिए श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल में 24×7 उपलब्ध है।

सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में निम्न वित्तीय वर्ग वाले कई रेटिना मरीज जो पहले उपचार का खर्च वहन करने में असमर्थ थे अब श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल में उचित दरों में आंखों की देखभाल का लाभ उठा रहे हैं SGVEH रेटिना सर्जरी के भरोसेमंद पर्याय के रूप में उपस्थित है डॉक्टरों की समर्पित केंद्रित और अनुभवी टीम द्वारा 1000 से अधिक रेटिना रोगों को सफल रेटिना सर्जरी द्वारा ठीक किया गया है।जांजगीर चांपा के मरीज़ श्री हीरालाल साहू कि आंख के अन्दर लोहे का टुकड़ा चले जाने से रेटिना क्षतिग्रस्त होने के आघात का सामना करना पड़ा रोगी की वित्तीय स्थिति उसे सर्जरी का खर्च उठाने की अनुमति नहीं दे रही थी SGVEH ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए इस मरीज का उपचार कम से कम कीमत पर किया यह एक जटिल सर्जरी थी जिसमें लोहे के टुकड़े को हटाने और रेटिना क्षति की मरम्मत शामिल थी इसी प्रकार से और भी कई आखों के मरीजों का सफलतापूर्वक सर्जरी किया जा चुका है।

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