प्रत्याशी तो प्रतीक होता है, चुनाव पार्टी लड़ती है : रमेश बैस

०० नई पीढ़ी को मिलना चाहिए आशीर्वाद, भाजपा की होगी ऐतिहासिक जीत : बैस  

रायपुर। चुनावी मैदान में 2 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को परास्त करने वाले रायपुर सांसद रमेश बैस को अपनी टिकट कटने का कोई मलाल नहीं है। उनका मानना है कि नई पीढ़ी को आशीर्वाद मिलना चाहिए।
मध्यप्रदेश में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके पंडित श्यामाचरण शुक्ल और छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ल सहित बड़े-बड़े नेताओं को चुनावी अखाड़े में पटखनी देने वाले रमेश बैस इस बार सीधे तौर पर चुनाव में नहीं हैं क्योंकि भाजपा ने छत्तीसगढ़ के अपने सभी 10 सांसदों की टिकट काटने का अभूतपूर्व फैसला लिया। पार्टी के निर्णय को मान लेना अलग बात है लेकिन उस निर्णय को गहराई तक जाकर सही ठहराने की मिसाल रमेश बैस ने पेश की है। वे पूर्व में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ के विकास में उन्होंने अपनी भूमिका बिना किसी दिखावे के निभाई है। बस अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते रहे लेकिन कभी इसका प्रचार करने की जरूरत महसूस नहीं की। जो महसूस करते हैं उसे बिना लाग लपेट के कह देना रमेश बैस की खासियत है। उनका मानना है कि जिन वरिष्ठ नेताओं को काम नहीं मिला है वह अपने समय में भरपूर काम कर चुके हैं और परिस्थितियों के अनुसार नेतृत्व पार्टी हित में फैसला करता है। इसलिए वरिष्ठ नेताओं को पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को आशीर्वाद देना चाहिए।अपनी इसी भावना के साथ रमेश बैस रायपुर लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में कुछ इस तरह जुटे हुए हैं जैसे खुद ही मैदान में हों। बैस का मानना है कि प्रत्याशी तो प्रतीक होता है दरअसल चुनाव पार्टी लड़ती है।

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