आदर्श प्रीमैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास डोंगरिपाली में बच्चो की जिंदगी के साथ किया जा रहा खिलवाड़

०० छात्रावास के बच्चो से उठवाया जा रहा महुआ फल, बच्चो को दी जा रही एक्सपायरी दवाइया  

राजु किर्ती चौहान के साथ कमलेश चौहान  

रायगढ़| सोचिये अगर छात्रावास में बच्चे पड़ना लिखना छोड़ माहुंवा बीनना और बीनकर सुखाना सिख रहे हो तो क्या होगा , एवं साथी साथ उन छात्रावास के छोटे बड़े बच्चे सही दवा को छोड़ गलत दवा का सेवन कर ले तो क्या होगा ?

आप को भी यकीन नही होगा दरअसल हम आप को बताना चाहते है रायगढ़ जिले के बरमकेला विकास खण्ड से महज कुछ ही दूरी पर ग्राम पंचायत डोंगरिपाली है, जहाँ आदर्श प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास है| जैसे ही हम छात्रावास के परिषद में कदम रखे तो हमने देखा कुछ बच्चे नीचे तो कुछ छात्रावास के छत पर माहुंवा जो की एकमात्र शराब बनाने में काम आती है, उस माहुंवा को बच्चो के द्वारा धुप में सुखाया जा रहा था तो कुछ को झोला में डाला जा रहा था| हमने बच्चो से पूछताछ करने की कोसिस की तो बच्चे हमारा कैमरा देख कर डर से गए फिर हमने प्यार से पूछा तो बच्चो ने कहाँ माहुंवा है जिसे हम रोज सुखाते है और हम सूखा रहे है तभी हम छात्रावास के अंदर की ओर गये तो हमने देखा कि एक खुली ढकन वाली डीबी है जिसमे कुछ दवाइया रखी हुई है हमने छात्रावास के अधीक्षक से पूछा तो उन्हों ने कहा बच्चो की दवाई है हमने देखा तो बच्चों को दी जा रही दवाई आधी से ज्यादा दवाइयों की समय ख़त्म हो चुकी थी तभी हमने डोंगरिपाली के सरकारी स्वास्थ केंद्र के डॉक्टर को बुलाया और हमने कहा ये दवाइया उपयोग लायक है या नही उन्होंने भी कहा यह जो दवाइया है जिनमे से आधी से ज्यादा दवाइया खराब हो चुकी है ऐसे में यदि कोई इन दवाइयों का सेवन करता है तो उसे कुछ भी हो सकता है|

 

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