येदियुरप्पा डायरी के खुलासे से स्पष्ट है केवल चौकीदार ही नहीं, पूरी  भाजपा है भ्रष्ट : कांग्रेस 

०० शुचिता और मर्यादाकानून और संविधानजवाबदेही और जिम्मेदारी से जुड़े सवाल पूछ रहा है देश 

०० जांच नहीं होने देने रोकनेसत्य को छिपानेसबूतों का दबाने का खेल, छत्तीसगढ़ की ही तरह दिल्ली की सरकार में भी है जारी

रायपुर। येदियुरप्पा डायरी के खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि न्यूज मैगजीन ‘कारवां’ द्वारा किये गए महत्वपूर्ण खुलासे में‘येदियुरप्पा डायरी’ के नाम से खबर और डायरी सामने आई है, जिसमे केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा संगठन के शीर्ष नेतृत्व के लगभग सारे लोग शामिल हैं। इन पर 1800 करोड़ के रिश्वत का इल्जाम है। 1800 करोड़ की रिश्वत लेने वाले ये वो लोग है जो जीरो टॉलरेंस एवं पारदर्शिता का ढोंग रचकर, आडंबर फैलाकर विगत 5 वर्षो से देश को गुमराह करते आ रहे है, जिनके हाथ में देश की रक्षा, वित्त, गृह, प्रधानमंत्री का पूरा कार्यालय और देश की सरकार है। ये वही लोग है जिन्होने 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व कैग के तत्कालिन प्रमुख विनोद राय की मदद से यूपीए-II सरकार पर भ्रष्टाचार के झूठे और काल्पनिक आरोप लगाये,भ्रम फैलाया और झूठ पर सत्ता में आये। केंद्र में सरकार बनाते ही विनोद राय को पद्मभूषण सम्मान सहित बैंको के राष्ट्रीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर उपकृत किया गया जो इनकी मिलीभगत का जीताजागता सबूत है।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि येदियुरप्पा डायरी के अनुसार बदले गये 2690 करोड़ में से 1800 करोड़ रुपये भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पहुंचाया गया। इस डायरी के प्रत्येक पेज पर येदियुरप्पा के हस्ताक्षर है, इस डायरी के अंदर भारतीय जनता पार्टी के शीर्षतम नेतृत्व के नाम दर्ज है जिन्हे रिश्वत दी गई। 1000 करोड़ रुपये भाजपा की सेंट्रल कमेटी को दिया गया, जिसमे नरेंद्र मोदी, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी सब बैठते थे। फिर व्यक्तिगत लेनदेन भी है जिसमे नेताओ के नाम दिए गए हैंः- अरुण जेटली 150 करोड़, राजनाथ सिंह 100 करोड़, आडवानी 50 करोड़, मुरली मनोहर जोशी50 करोड़, गडकरी के बेटे की शादी 10 करोड़। यहाँ तक कि 250 करोड़ जजेस के लिए भी लिखने की हिमाकत की गयी है। बाकायदा हर पेज पर येदुरप्पा जी के हस्ताक्षर भी है। कारवां ने लिखा है कि इसके बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, सीबीडीटी, अरुण जेटली, राजनाथसिंह, नितिन गडकरी, भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व से पूछा गया कि क्या ये डायरी सही है और आपकी क्या प्रतिक्रिया है तो किसी ने भी कोई भी रिएक्शन नहीं दिया। त्रिवेदी ने कहा है कि बात-बात पर बौखला जाने वालों की खामोशी इन आरोपों की गंभीरता को प्रमाणित करता है। ये डायरी अगस्त 2017 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास है लेकिन जिस प्रकार से पनामा पेपर और अगस्ता वेस्टलैंड के घोटालों को दबाया गया उसी प्रकार येदुरप्पा डायरी को भी मोदी सरकार के दबाव में ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया। न खाऊंगा न खाने दुंगा के नारे लगाकर बना चौकीदार तो चोर है ही, अब तो येदुरप्पा डायरी से यह तथ्य भी प्रमाणित हो गया कि इस चौकीदार की पूरी मंडली ही चोर है।त्रिवेदी ने कहा है कि येदियुरप्पा डायरी को लेकर वित्त मंत्री जेटली जी के पास अधिकारी गये, लेकिन जांच की अनुमति नहीं दी गयी। सीबी डीटी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डारेक्ट टेक्सेस के अध्यक्ष सुशील चंद्रा जी को फोरेन्सिक जांच एवं ईडी प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की गयी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी जी से लेकर भाजपा के सारे नेतृत्व पर 1800 करोड़ की घूस लेने के इल्जाम है। जो देश के सबसे बड़े पदों पर आसीन है। जो रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, गृहमंत्रालय, पीएमओ चलाते है, देश की सरकार चलाते है। डायरी उजागर हुयी है, विडियो उजागर हुआ है, कागजातों पर हस्ताक्षर है। आयकर विभाग ने सरकार से ईडी प्रर्वतन निदेशालय से जांच करवाने की मांग की, लेकिन मोदी सरकार ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। भाजपा का पूरा राष्ट्रीय नेतृत्व भ्रष्टाचार में संलिप्त है और भाजपा की सरकार जांच ही नहीं होने दे रही है। अगर इस डायरी में कोई सच्चाई नहीं है तो मोदी सरकार को जांच कराने में क्या परेशानी है?

 

 

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