कोटा तेन्दुवा रेंज के जंगलो में लगे सागौन कि अवैध कटाई पर वन विभाग के अधिकारी मौन

संजय बंजारे

करगीरोड कोटा। कोटा तेन्दुवा रेंज में आय दिन सागोन की अवैध रूप से कटाई की जा रही जिसका सिलसिला अभी भी थम नही पा रही है। एक तरफ वन विभाग  के कुछ अधिकारियों के मिलीभगत से जंगल मे लगे सैगोन पेड़ की अवैध कटाई हो रही है। चौकीदार के भरोसे पूरे जंगल को छोड़ दिए गए हैं। 

 कोटा तेन्दुवा रेंज में कोई भी बीटगार्ड उपस्थिति बहोत नही होती है ये कहा जाए तो वहाँ के चपरासी के भरोसे पूरे जंगल को छोड़ दिया गया है। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जंगल मे लगे सागोन की अवैध कटाई में जप्ती की गई लकड़ी को वन विभाग कोटा डिपो में रखने का था लेकिन वहाँ नही रखा गया है।चूंकि उस जप्ती नामा कीमती लकड़ी को किसी वन विभाग में चपरासी के रुप मे काम कर रहा है उसी के घर मे सैगोन की कीमती लकड़ी को रख दिया  दिया गया है।

वन विभाग के कुछ अधिकारी के संरक्षण में ही सागोंन कि अवैध कटाई हो रही है। सब कमीशन का खेल है| वन विभाग के अधिकारी महेश चंद्र पांडेय का कहना कि जंगल मे एक भी लकड़ी का अवैध रूप से कटाई नही हुआ है। लगता है की जनाब बोल रहे कि अभी टाइगर जिंदा है, लेकिन मीडिया की टीम मौके पर जाकर देखा तो होस ही उड़ गए। जंगल मे पूरी तरह लगभग 20 से 30 लकड़ी की ठूठ का नजारा देखने को भी मिला है। इतनी कीमती लकड़ी की कटाई को वन विभाग नही रोक पा रही हैं जब कि शासन प्रशासन जंगल को बचाने के लिए अनेक उपचार कर रही हैं। उसके बाद भी सैगोन व जंगल में लगे कई प्रकार के पेड़ पौधे को वन विभाग अपनी ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम नही कर पा रहे है। इस विषय मे वन विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसकी शिकायत बिलासपुर डीएफओ को भी दी जाएगी।

 

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