भाजपाई मंत्री, सांसदों ने चिटफंड कंपनीयों का शुभारंभ कर जनता के साथ चीटिंग की : कांग्रेस

०० भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव के बयान पर कांग्रेस का पलटवार 

०० पूर्व मुख्यमंत्री, डॉ. रमन सिंह; उनके सांसद पुत्र, अभिषेक सिंह उनकी पत्नी, वीणा सिंह; भाजपाई मंत्री, सांसदों ने चिटफंड कंपनीयों का शुभारंभ कर जनता के साथ चीटिंग की

 रायपुर। भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यकत करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनजंय सिंह ठाकुर ने कहा कि चिटफंड कंपनियों के गोरखधंधे को पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह सरकार का संरक्षण व साथ प्राप्त था। रोजगार मेला आयोजित कर पूर्व मुख्यमंत्री, डॉ. रमन सिंह; उनके सांसद पुत्र, उनकी पत्नी वीणा सिंह, अभिषेक सिंह, भाजपा के मंत्री, सांसद व प्रदेश के आला अधिकारी शामिल होत थें। चिटफंड कंपनियों के घोटालों और गड़बड़झालों में भोली भाली जनता सिर्फ इसलिए फंसी कि उनकों विश्वास हुआ कि भाजपाई सरकार इन चिटफंड कंपनियों की साझेदार है। पूर्व गृहमंत्री, रामसेवक पैंकरा ने सनशाईन बीपीएन कंपनी के कार्यक्रमों में शामिल हुये थे। सनशाईन बीपीएन कंपनी से भाजपा को पार्टी फंड में चंदा मिला था। भाजपा मंत्रियों की तस्वीर दिखाकर  चिटफंड कंपनियों ने जनता का हजारों करोड़ रुपया डकार लिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने तत्कालीन रमन सरकार पर सेबी और केन्द्र सरकार के द्वारा चिटफंड कंपनियों के धंधे पर लगाई गई, पाबंदी को नजर अंदाज कर आम जनता के साथ ेचिटिंग करने का आरोप लगाया। भाजपा के संरक्षण में ही चिटफंड कंपनियों ने जनता की गाढ़ी कमाई की लूट की। 9 साल में 161 चिटफंड कंपनियों पर 310 एफआईआर दर्ज होने के बावज़ूद पूर्व की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ की जनता से लूटी हुई गाढ़ी कमाई की एक फूटी कौड़ी भी वापस नहीं करा पाई? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद चिटफंड कंपनीयों पर सख्ती बरतकर निवेशकां के पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू किया गया। तब भाजपा को चिटफंड कंपनीयों के निवेशकों की चिंता हो रही है। चिटफंड कंपनीयों के अभिकर्ता बनने तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा रोजगार मेल का आयोजन किया जाता था। रोजगार मेला में भाजपा के चिटिंग के कारण छत्तीसगढ़ के भोले भाले बेरोजगार युवा फंसकर अभिकर्ता बनते थे। जिसे बाद में चिटफंड कंपनीयों के लूट के बाद भाजपा की सरकार ने बेगुनाह अभिकर्ताओं को दोषी मानकर जेल में डाल दिया था। जबकि असल गुनहगार तो भाजपा के सत्ता और संगठन के लोग है। जो चिटफंड कंपनीयों के शुभारंमकर्ता है। 

 

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