माओवादी हमले में कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी के बलिदान से लाल हुयी है छत्तीसगढ़ की धरती : शैलेश नितिन त्रिवेदी

०० अमित शाह को शर्म आनी चाहिये कांग्रेस के बारे में ऐसी बाते कहने के पहले

०० छत्तीसगढ़ में माओवादी घटनाओं में कमी आने पर अमितशाह को तकलीफ क्यों ?

०० जहां माओवाद नहीं है, उत्तर प्रदेश को छत्तीसगढ़ से मोदी सरकार में मिला छह गुना ज़्यादा पैसा 

०० अमित शाह छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर झूठ न बोलें, छत्तीसगढ़ की जनता इस झूठ के लिये अमित शाह को कभी माफ नहीं करेगी

रायपुर। रायपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद बढ़ने के संगीन आरोपों पर कांग्रेस ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया है। तीखी प्रतिक्रिया देते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि माओवादी हमले में कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी के बलिदान से लाल हुयी है छत्तीसगढ़ की धरती। अमित शाह को शर्म आनी चाहिये कांग्रेस के बारे में ऐसी बाते कहने से पहले। पंद्रह साल भाजपा की ही सरकार थी, तीन ब्लॉक में सीमित नक्सलवाद प्रदेश के चौदह जिलों में आ पहुँचा, रिश्ता किसका है,यह आँकड़े और तथ्य स्पष्ट बताते है। छत्तीसगढ़ में माओवादी घटनाओं में कमी आने पर अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में माओवादी घटनाओं में कमी आने पर अमितशाह को तकलीफ क्यों हो रही है? भाजपा के शासन काल में दक्षिण बस्तर के 3 सीमावर्ती ब्लाकों तक सीमित माओवाद ने 15 वर्षो तक मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह के गृहजिले कवर्धा सहित 14 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। रिश्ता किसका है, यह आंकड़े भी बताते है, तथ्य भी बताते है। अमितशाह छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर झूठ न बोलें। छत्तीसगढ़ की जनता इस झूठ के लिये अमित शाह को कभी माफ नहीं करेगी।

त्रिवेदी ने कहा है कि शहीद महेन्द्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा की नियुक्ति के मामलों में अमित शाह के इशारों पर ओपी चौधरी जैसे भाजपा नेताओं द्वारा कहर बरपाने की कोशिशों को पूरे छत्तीसगढ़ ने देखा है और समझा भी है। माओवाद से लड़ाई में अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद महेन्द्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा के मामले में भाजपा का शहादत विरोधी और माओवाद समर्थक चरित्र बेनकाब हो चुका है। अमित शाह ने झूठ बोलकर छत्तीसगढ़ भाजपा का बचाव करने की असफल कोशिश की है। भाजपा की सरकार ने शहीदों की बार-बार अपमान किया है। चार साल पहले किरंदूल में कचरा गाड़ी में शहीदों के शव ढोये गये। चिंतागुफा में हुयी जवानों की शहादत का तिरंगा लगी वर्दी कचरे के ढेर में डालकर अपमान किया गया। चिंतागुफा की घटना के बाद भाजपा सरकार शहीदों के अवशेषों को भी संभालकर नहीं रख सकी। मर्चुरी के बाहर जवानों के जूते, कपड़े बिखरे पड़े थे। शहीद जवानों की वर्दी कूड़ादान में पड़ी मिलती है। मर्चुरी में शरीर के टुकड़ों को कुत्ते खा रहे थे। भाजपा की सरकार में इतनी मानवता, इतनी सौजन्यता नहीं थी कि शहीदों के अवशेषों और स्मृतियों को सम्मान के साथ रखे। त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को ईमानदारी से अपनी रमन सिंह सरकार की विफलता स्वीकार करनी चाहिए थी कि वे केंद्र में अपनी ही पार्टी के सरकार से नक्सली हिंसा से निपटने के लिए भी पर्याप्त धन नहीं ला पा रहे थे। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह बार-बार छत्तीसगढ़ के दौरे जरूर करते रहे। माओवादियों से निपटने में राज्य सरकार के साथ सहयोग के बड़े-बड़े दावे भी करते हैं लेकिन राशि उत्तरप्रदेश को ज्यादा देते है। केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के साथ लगातार भेदभाव करती रही है। सच यह है कि राज्य में नक्सली गतिविधियां भाजपा सरकार में लगातार 15 वर्षों से बढ़ी हैं और इस पर अंकुश लगाने की कोई मंशा रमन सिंह जी की भी नहीं दिखी है। मोदी सरकार की माओवाद को लेकर मंशा भी उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता के आंकड़ों से स्पष्ट हो गयी है। त्रिवेदी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी ज़िला गहन नक्सली हिंसा से प्रभावित नहीं है और न ही पिछले चार वर्षों में वहां कोई गंभीर वारदात हुई है लेकिन वर्ष 2014 से 2018 के बीच उत्तर प्रदेश के नक्सली हिंसा ने निपटने के लिए 349.21 करोड़ की राशि दी गई जबकि इसी अवधि में छत्तीसगढ़ को सिर्फ़ 53.71 करोड़ की राशि दी गई। जबकि छत्तीसगढ़ देश का सर्वाधिक नक्सल प्रभावित प्रदेश है और कई ज़िले गहन नक्सली गतिविधियों के लिए जाने जाते है। छत्तीसगढ़ माओवादी हिंसा और सर्वाधिक माओवाद प्रभावित क्षेत्र के लिये पूरे देश में बदनाम है।

 

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