घरघोड़ा थाना प्रभारी के इस्तीफे को मुद्दा बनाना भाजपा की खीझ : कांग्रेस

रायपुर। राज्य में माफिया के पैठ की शुरुआत भाजपा के राज में शुरू हुई थी जिस पर भाजपा सरकार के जाते ही लगाम भी लगाया जा चुका है। राज्य में माफिया के पनपने के भाजपा के आरोपो का जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के राज में एक नए किस्म के माफिया का उदय हो गया था जो सत्ता और प्रशासन को हथियार बना कर अपनी दादागिरी को कानून का आवरण डाल कर छुपाये रखता था।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही सारे माफियाओ का पतन शुरू हो गया है, चाहे प्रशासनिक आतंक फैलाने वाला प्रशासनिक माफिया हो या पुलिस आतंक फैलाने वाला माफिया हो या भाजपा द्वारा पोषित कोल और कबाड़ माफिया हो सभी के हौसले पस्त हो चुके है। अब राज्य में न कोई संविधानेत्तर शासक सुपर सीएम बचा है और न ही वर्दी का रौब दिखा कर ब्लैकमेलिंग करने वाला सुपरकॉप और न ही अपनी जमीनों के दाम बढ़ाने के लिए आम आदमी की जमीनो की खरीद बिक्री पर प्रतिबंध लगवाने वाला सरकार में दखल रखने वाला भू माफिया। राज्य में कानून के राज की स्थापना हो चुकी है ऐसे में वर्षो से छत्तीसगढ़ के संसाधनों और राज्य के प्रशासन को अपनी जागीर समझने वालों और छत्तीसगढ़ की सम्पदा को विदेशी लुटेरों के समान 15 वर्षो तक लूटने खसोटने वालो को पीड़ा होना स्वाभाविक है।
घरघोड़ा थाना प्रभारी के वीआरएस आवेदन को भाजपा द्वारा मुद्दा बनाये जाने का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुद्दाविहीन भाजपा के पास कांग्रेस सरकार के खिलाफ नकारात्मक कहने को कुछ है नही खीझ में भाजपा प्रवक्ता झूठे बयान दे रहे हैं। पन्द्रह सालो तक कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करने वाली भाजपा की आदत वस्तुस्थिति को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करने की हो गयी है। घरघोड़ा थाना प्रभारी ने स्वेच्छा से वीआरएस का आवेदन दिया है उनके इस्तीफा की खबर जान बूझ कर प्रचारित की गई।

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