विधानसभा : सदन में गूंजा हाथियों के आक्रमण से हुए ग्रामीणों की मौत का मामला

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को ध्यानाकर्षण में हाथियों के आक्रमण से हुए ग्रामीणों की मौत का मामला गूंजा। इसमें विधायक अम्बिका सिंहदेव ने कहा के हमले से लगातार जनहानि हो रही है। इसे रोकने में प्रशासन असफल रहा है, काफी मौतें हो चुकी है। लगभग 509 किसानों की फसलें अब तक खराब हो चुकी है। साथ ही अब तक 250 के आसपास मौतें हो चुकी है। इसके जवाब में सरकार की ओर से वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि घायलों का इलाज कराया जा रहा है, जिनकी मौत हुई है उनको राशि उपलब्ध कराई गई है। जंगली हाथियों से निपटने के लिए रात गश्त किया जा रहा है। जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभाग तात्कालिक सहायता भी प्रदान कर रही है।
मरवाही विधायक अजीत जोगी ने कहा कि बहुत ही गंभीर मामला है। हाथियों से जानमाल की हानि हो रही है। अवर्णनीय है पूरे सदन को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा, पिछले 1 दशक में 120 प्रतिशत घटनाओं में वृद्धि हुई है। हाथी का जो आतंक बढ़ा है इसका बहुत बड़ा कारण कोयला खदानों का बढऩा है।  पिछले 5 सालों में जो कोयला खदानों का आबंटन हुआ है। उससे 1 लाख 80 हजार करोड़ मिलेंगे, तो ऐसी स्थिति में सरकार को मुआवजा राशि बढाने की दिशा में विचार करना चाहिए। मंत्री वन मोहम्मद अकबर ने कहा सभी बातों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।  वहीं विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि हाथियों के कितने हर्ड हैं उनको कैसे ट्रैक किया जा रहा है। जीपीएस लगाया गया है क्या हैंडलर से उनको नियंत्रित किया जा रहा है क्या?  विधायक अमरजीत भगत ने कहा कि सभी जिले प्रभावित है। अम्बिकापुर जशपुर सभी इससे ग्रसित हैं, इसके लिए अलग से बैठक बुलाकर निष्कर्ष निकाला जाएगा क्या? वन मंत्री ने कहा कि सभी बातों पर विचार किया जाएगा और निर्णय लिया जाएगा।  धर्मजीत सिंह ने कहा कि आधा छत्तीसगढ़ इससे प्रभावित है झारखण्ड का बॉर्डर एरिया इससे प्रभावित है। गस्त से क्या फायदा आपके लाउडस्पीकर से हाथी रुकेगा क्या। चुनाव हो रहा है जो पम्पलेट बांटा जा रहा है।  जमीन हमारी अडानी को दे दिया कमाने खनिज संपदा हमारी है। उसका दोहन करिए शोषण मत करिए। एक श्वेत पत्र जारी करिए कि चाहे अडानी का हो अंबानी का हो हमारे छत्तीसगढ़ का शोषण न करे प्रश्न संदर्भ समिति में इसकी जांच कराए। खनिज खदानों को निरस्त किया जाना चाहिए।  आसंदी सेे अध्यक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यही खदानों का प्रश्न नहीं है, तो धर्मजीत ने कहा कि खदान की वजह से हाथी बाहर आ रहे है। हाथी से ज्यादा बुद्धिमान कोई नहीं है आप हाथी के लिए कुछ बनाएंगे क्या? आसंदी ने कहा कि प्रश्न संदर्भ समिति को भेजा जाना चाहिए।

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