विधानसभा : छतीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरर्हता निवारण संशोधन विधेयक-2019 पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को छतीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरर्हता निवारण संशोधन विधेयक-2019 पेश हुआ, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। इस पर चर्चा के दौरान विधायत शिवरतन शर्मा ने कहा कि यह संशोधन विधेयक विधायकों को संतुष्ट करने लाया गया है। 38 पदों की संख्या है। इसमें से 3 पदों पर तकनीकी नियुक्ति होती है, जिसे अलग करने की गई। सीईसीबी के लिए ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अर्हता निर्धारित की है।
व्यापमं रिक्त पदों की भर्ती के लिए काम करता है, इसे राजनीति के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। यह कहा जाता है कि व्यक्ति को ईमानदार होना ही चाहिए। ऐसे में अध्यक्ष पद की पारदर्शिता पर प्रश्न उठेगा। यह सब टेक्निकल पद है इस पर व्यापमं, रेलवे कॉर्पोरेशन, सीईसीबी को अलग करें, तो हम समर्थन करने तैयार हैं।  इसके बाद ध्वनि मत से सदन में छतीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरहर्ता निवारण संशोधन विधेयक 2019 पारित किया गया।

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